New Delhi News, 5 November 2026: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शुक्रवार, 6 नवंबर को अपने आधिकारिक आवास पर दिवाली मिलन समारोह आयोजित करेंगे। इस कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत एआईसीसी के वरिष्ठ पदाधिकारियों के शामिल होने की उम्मीद है। पार्टी की ओर से इसे त्योहार के अवसर पर आपसी मुलाकात और शुभकामना देने का कार्यक्रम बताया गया है। हालांकि, मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए इसमें एसआईआर और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर भी चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।
पहली बार सभी वरिष्ठ एआईसीसी नेताओं को एक साथ आमंत्रण
कांग्रेस के एक पदाधिकारी के अनुसार, पहले कुछ वरिष्ठ नेता अलग-अलग राहुल गांधी से दिवाली की शुभकामनाएं देने मिलने जाते थे। इस बार राहुल गांधी ने सभी वरिष्ठ एआईसीसी पदाधिकारियों को एक साथ आमंत्रित किया है।
पार्टी पदाधिकारी ने इसे केवल दिवाली मिलन कार्यक्रम बताते हुए कहा कि इसका कोई अलग राजनीतिक एजेंडा नहीं है। हालांकि, एक ही स्थान पर पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी के कारण मौजूदा राजनीतिक हालात पर बातचीत होना स्वाभाविक माना जा रहा है।
SIR और कथित वोट चोरी के खिलाफ कांग्रेस का अभियान
यह कार्यक्रम ऐसे समय हो रहा है, जब कांग्रेस और विपक्षी दल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस इस मुद्दे को कथित ‘वोट चोरी’ से जोड़ते हुए देशव्यापी अभियान चला रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, एक नवंबर को इंडिया ब्लॉक ने दिल्ली में रैली आयोजित की थी। इससे पहले विपक्षी दलों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग वाला प्रस्ताव भी पारित किया था।
राहुल गांधी ने रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नीतिगत मुद्दों पर बहस की चुनौती दी थी। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के जरिए मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, ये विपक्षी दलों के आरोप हैं।
राज्यों में ब्लॉक स्तर तक अभियान ले जाने की तैयारी
कांग्रेस के सामने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने के साथ-साथ राज्यों में संगठनात्मक गतिविधियां बढ़ाने की चुनौती भी है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, गोवा, गुजरात और मणिपुर सहित कई राज्यों में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं।
एआईसीसी की हिमाचल प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल ने कहा कि राहुल गांधी के आवास पर होने वाला कार्यक्रम दिवाली के अवसर पर आपसी मुलाकात का है, लेकिन राजनीतिक नेताओं के एक साथ जुटने पर समसामयिक मुद्दों पर चर्चा भी हो सकती है। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश में नवंबर के दौरान एसआईआर के खिलाफ विरोध कार्यक्रम जारी रहेंगे और अभियान को ब्लॉक स्तर तक ले जाया जा रहा है।
वहीं, हरियाणा के लिए एआईसीसी प्रभारी सचिव जितेंद्र बघेल के मुताबिक, राज्य में गांवों के स्तर पर चौपाल के माध्यम से एसआईआर के मुद्दे पर लोगों के बीच बातचीत शुरू की गई है।
संसद के शीतकालीन सत्र में भी उठ सकता है मुद्दा
संसद का शीतकालीन सत्र इसी महीने के आखिर तक शुरू होने की संभावना है। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस को एसआईआर के मुद्दे पर विशेष सत्र बुलाकर चर्चा करने की चुनौती दी है।
कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य सैयद नसीर हुसैन ने गृह मंत्री की इस चुनौती पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा के लिए गंभीर थी, तो मानसून सत्र के दौरान विपक्ष की मांग पर बहस क्यों नहीं कराई गई।
हुसैन ने दावा किया कि एसआईआर के खिलाफ विपक्ष की रैली के बाद सरकार दबाव महसूस कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मताधिकार की रक्षा के लिए अपना देशव्यापी अभियान जारी रखेगी।
खड़गे समेत वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी पर रहेगी नजर
राहुल गांधी के आवास पर होने वाले दिवाली मिलन समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ऐसे में त्योहार की शुभकामनाओं के साथ पार्टी के संगठनात्मक कार्यक्रमों, एसआईआर विरोधी अभियान और संसद में आगे की रणनीति पर अनौपचारिक बातचीत होने की संभावना है।
हालांकि, पार्टी की ओर से इस आयोजन को औपचारिक राजनीतिक बैठक नहीं बताया गया है। इसलिए इसमें किसी बड़े फैसले या नई रणनीति की घोषणा होगी, इसकी पुष्टि फिलहाल नहीं है।
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