रांची। रांची विश्वविद्यालय में अगले सत्र 2026-28 से कालेजों में पीजी की पढ़ाई बंद होने वाली है। वहीं जिसके बाद विवि के पीजी विभागों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ जायेगी लेकिन दूसरी तरफ एनइपी के तहत पीजी विभागों में सीटों की संख्या घट जायेगी।
जिसके तहत किसी विभाग में 35 तो किसी विभाग में पहले वर्ष केवल 30 सीटें ही रह जायेंगी। ऐसे में अब जहां अधिक सीटों वाले विभाग में विद्यार्थियों की संख्या घट रही है। नई शिक्षा नीति के तहत पीजी विभागों में होने वाली नामांकन प्रक्रिया में सीटें कम होने के बाद विद्यार्थियों को निराशा हाथ लग सकती है।
कॉमर्स में सबसे अधिक सीटें, बाकी में उससे कम
पीजी विभागों में जो सीटें नये सत्र से तय की गयी है उसमें सबसे अधिक कामर्स को 140 सीटें दी गयी है। इसके बाद पीजी इंग्लिश में 85 और हिंदी विभाग में 70 सीटें आवंटित की गयी है। इसके अलावा हिस्ट्री में भी 70, पॉलिटिकल साइंस में 85 और मैथ्स में 75 सीटें आवंटित की गयी हैं।
वहीं बाकी विषयों में सीटों की संख्या 50 भी नहीं पहुंची है। इसके अलाव सीटों को कैटेगरी के अनुसार भी बांटा गया है। इसमें बीपीएल के लिए प्रत्येक विभाग में 5 सीटें आवंटित की गयी है। नये सत्र में इसी सीटों के आधार पर नामांकन लिया जायेगा।
किस विभाग में कितनी होंगी सीटें?
विभाग कुल सीट
- कॉमर्स – 140
- बांग्ला – 35
- इंग्लिश – 85
- हिंदी – 70
- फिलॉसफी -35
- संस्कृत – 35
- उर्दू – 35
- हो – 30
- खड़िया – 30
- खोरठा – 30
- कुरमाली – 30
- कुडुख – 30
- मुंडारी – 30
- नागपुरी – 30
- पंच परगनिया – 30
- संताली – 30
- एंथ्रोपोलॉजी – 35
- इकोनॉमिक्स – 85
- ज्योग्राफी – 85
- हिस्ट्री – 70
- होम साइंस – 35
- पोल साइंस – 85
- साइकोलॉजी – 45
- सोशियोलॉजी – 35
- बाटनी – 45
- केमेस्ट्री – 45
- जियोलॉजी – 45
- मैथ्स – 75
- फिजिक्स – 45
- जूलॉजी – 45
कॉलेजों में पीजी की पढ़ाई बंद होने का दिखेगा असर
विवि में अगले सत्र 2026-28 से पीजी की पढ़ाई बंद होने वाली है। जिसके बाद विद्यार्थियों के पास पीजी विभाग से ही पीजी की पढ़ाई करने का विकल्प बचेगा। क्योंकि विवि के वर्तमान सत्र में कालेजों में चल रहे पीजी विभागों में आवेदनों की संख्या अधिक है।
पिछले महीने तक मारवाड़ी कॉलेज के सभी पीजी विभागों में कुल 652 विद्यार्थियों ने नामांकन के लिए आवेदन दिये हैं। वहीं डोरंडा कॉलेज में 118, रांची विमेंस कालेज में 90 आवेदन आये थे।
पीजी के नये सत्र के लिए नयी शिक्षा नीति के अनुसार पीजी विभागों में सीटों का आवंटन किया गया है। जिसके आधार पर नामांकन लिया जायेगा।
-डा. सुदेश कुमार साहू, डीएसडब्ल्यू, रांची विवि


