Monday, May 25, 2026

रांची विश्वविद्यालय में छात्रों को शैक्षणिक कार्यों के लिए काउंटर के बाहर उमस भरी गर्मी में घंटों खड़ा रहना पड़ा.

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रांची: आरयू में एक ओर नई शिक्षा नीति के तहत नामांकन, परीक्षा, री एडमिशन और अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाओं को ऑनलाइन करने का दावा लगातार किया जा रहा है जबकि दूसरी ओर जमीनी हकीकत इन दावों से काफी अलग नजर आ रही है. विश्वविद्यालय परिसर में री एडमिशन काउंटर और विद्यार्थी सहायता केंद्र के बाहर छात्रों की लंबी कतार देखने को मिल रही हैं. भीषण गर्मी और उमस के बीच छात्र घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं.

छात्रों को कई तरह की परेशानी

राजधानी रांची में इन दिनों तेज धूप और उमस की वजह से दिन के समय सड़क तक सूनी नजर आ रही हैं लेकिन विश्वविद्यालय परिसर में विद्यार्थियों की भारी भीड़ जुट रही है. सबसे अधिक परेशानी री एडमिशन और अन्य जरूरी शैक्षणिक कार्यों को लेकर देखी जा रही है. छात्र-छात्राएं सुबह से ही काउंटर के बाहर लाइन लगाकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई दिए

तपती धूप में खड़ी नजर आईं छात्राएं

इस दौरान कई ऐसे दृश्य भी देखने को मिले, जिन्होंने व्यवस्था की कठिनाइयों को और स्पष्ट कर दिया. कुछ छात्राएं अपने छोटे बच्चों को गोद में लेकर तपती धूप में खड़ी नजर आईं. उमस और गर्मी के बीच बच्चों के साथ घंटों इंतजार करना उनके लिए और भी मुश्किल साबित हो रहा था.

विश्वविद्यालय प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल

ईटीवी भारत की टीम ने मौके पर मौजूद कई विद्यार्थियों से बातचीत की. छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि अधिकांश काम ऑनलाइन हो रहे हैं तो फिर उन्हें घंटों लाइन में क्यों लगना पड़ रहा है? विद्यार्थियों का कहना है कि ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी तरह प्रभावी नहीं होने के कारण उन्हें बार बार विश्वविद्यालय आना पड़ता है.

काउंटर पर बुनियादी सुविधाओं का अभाव

छात्रों ने आरोप लगाया कि काउंटर पर बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है. गर्मी से राहत के लिए ना पर्याप्त पंखों की व्यवस्था है और ना ही पीने के पानी की समुचित सुविधा उपलब्ध कराई गई है. कई छात्रों ने यह भी कहा कि समय-समय पर अलग-अलग कारण बताकर काउंटर बंद कर दिया जाता है, जिससे घंटों इंतजार के बाद भी उनका काम नहीं हो पाता.

छात्रों द्वारा ऑनलाइन प्रक्रिया की मांग

एक छात्र ने बताया कि विश्वविद्यालय लगातार डिजिटल व्यवस्था की बात करता है लेकिन जमीनी स्तर पर छात्र परेशान हैं. अगर प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन हो जाए तो छात्रों को इतनी परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी. वही एक अन्य छात्रा ने कहा कि भीषण गर्मी में घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है. कई बार काउंटर अचानक बंद हो जाता है, जिससे परेशानी और बढ़ जाती है.

छात्रों को हुई अनावश्यक परेशानी

छात्रों में इस व्यवस्था को लेकर नाराजगी भी साफ देखने को मिली है. उनका कहना है कि विश्वविद्यालय को या तो ऑनलाइन व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावी बनाना चाहिए या फिर ऑफलाइन काउंटरों पर पर्याप्त संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए ताकि छात्रों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े. छात्रों की बढ़ती परेशानी ने विश्वविद्यालय की ऑनलाइन व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों पर कई सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं.

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