रांची, 22 अक्टूबर 2026। झारखंड की राजधानी रांची के खेलगांव स्थित मेगा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में गुरुवार को 15वीं अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता 2026 का शुभारंभ हुआ। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन में देशभर की 29 टीमें हिस्सा ले रही हैं। प्रतियोगिता में 432 खिलाड़ी तीरंदाजी की 37 स्पर्धाओं में अपना कौशल दिखाएंगे।
उद्घाटन समारोह की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई। इस अवसर पर प्रतियोगिता से जुड़ी एक फिल्म प्रदर्शित की गई और प्रतिभागी टीमों का शपथ ग्रहण कार्यक्रम भी आयोजित हुआ।
पुलिस बल देश की आंतरिक सुरक्षा का मेरुदंड: राज्यपाल
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों का झारखंड की धरती पर स्वागत किया। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए झारखंड पुलिस को बधाई दी।
राज्यपाल ने कहा कि पुलिस बल देश की आंतरिक सुरक्षा का मेरुदंड है। अपराधों की रोकथाम, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
उन्होंने साइबर अपराधों को लेकर भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी। राज्यपाल ने कहा कि किसी अनजान या संदिग्ध एपीके फाइल को खोलने से बचना चाहिए।
खेलों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि खेल पुलिसकर्मियों में अनुशासन, धैर्य, एकाग्रता और तुरंत निर्णय लेने की क्षमता विकसित करते हैं। तीरंदाजी लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने और निरंतर अभ्यास का प्रतीक है। उन्होंने खिलाड़ियों से खेल भावना, अनुशासन और समर्पण के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने की अपील की।
तीरंदाजी से मिलती है एकाग्रता और अनुशासन की सीख: डीजीपी
झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा ने समारोह में उपस्थित अतिथियों, पुलिस अधिकारियों और विभिन्न राज्यों तथा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों से आए खिलाड़ियों का स्वागत किया। उन्होंने आयोजन से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को भी बधाई दी।
डीजीपी ने कहा कि तीरंदाजी एकाग्रता, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण की सीख देती है। ये गुण पुलिस सेवा में भी बेहद महत्वपूर्ण हैं। इस तरह की प्रतियोगिताएं खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देने के साथ टीम भावना और आपसी सौहार्द को भी मजबूत करती हैं।
उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता अगले पांच दिनों तक चलेगी। इस दौरान खिलाड़ी अपने कौशल और प्रदर्शन से दर्शकों को प्रभावित करने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि जीत और हार से अधिक महत्वपूर्ण खेल भावना, अनुशासन और उत्कृष्ट प्रदर्शन है।
29 टीमों के 432 खिलाड़ी 37 स्पर्धाओं में लेंगे हिस्सा
झारखंड सशस्त्र पुलिस की एडीजी प्रिया द्विवेदी ने स्वागत संबोधन में प्रतियोगिता की रूपरेखा साझा की। उन्होंने कहा कि राज्यपाल की उपस्थिति से खिलाड़ियों का उत्साह और मनोबल बढ़ा है।
प्रिया द्विवेदी के अनुसार, झारखंड इससे पहले वर्ष 2013 और 2016 में भी अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता की मेजबानी कर चुका है। इस बार प्रतियोगिता 22 से 26 अक्टूबर 2026 तक आयोजित की जा रही है।
प्रतियोगिता में देशभर की 29 टीमें हिस्सा ले रही हैं। कुल 432 खिलाड़ी रिकर्व, कंपाउंड और इंडियन राउंड श्रेणियों की 37 स्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
खेलों से मजबूत होती है टीम भावना
प्रतियोगिता का उद्देश्य पुलिसकर्मियों को खेल के क्षेत्र में अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर देना और विभिन्न राज्यों की पुलिस इकाइयों के बीच आपसी समन्वय को बढ़ावा देना भी है।
तीरंदाजी जैसे खेल में सटीक निशाना लगाने के लिए एकाग्रता, धैर्य और नियमित अभ्यास की जरूरत होती है। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ी इन गुणों के आधार पर बेहतर प्रदर्शन करने का प्रयास करेंगे।
उद्घाटन समारोह में वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में डीजीपी तदाशा मिश्रा, एडीजी प्रिया द्विवेदी, एडीजी मनोज कौशिक, आईजी पंकज कंबोज, आईजी अजय लिंडा, आईजी मयूर पटेल, आईजी नरेंद्र कुमार सिंह, आईजी प्रभात कुमार, आईजी क्रांति कुमार गढ़देशी, आईजी अनूप बिरथरे, आईजी माइकल राज एस., आईजी शैलेंद्र सिन्हा और आईजी विक्रांत मिंज सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।
इसके अलावा डीआईजी संजीव कुमार, डीआईजी कार्तिक एस., डीआईजी नौशाद आलम, डीआईजी चंदन सिन्हा, डीआईजी इंद्रजीत महथा और डीआईजी शैलेंद्र बरनवाल भी समारोह में शामिल हुए।
रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन समेत कई अन्य अधिकारी भी उद्घाटन कार्यक्रम में मौजूद थे।
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