Wednesday, May 20, 2026

रांची में में ट्रैफिक चालान को लेकर ई-डिटेक्शन सिस्टम लगाने की कवायद शुरू हो चुकी है.

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रांचीः बड़े शहरों के तर्ज पर राजधानी रांची में भी अब ट्रैफिक चालान के लिए ई-डिटेक्शन सिस्टम लगाने की कवायद शुरू कर दी गई है. ट्रैफिक पुलिस की तरफ से ई-डिटेक्शन सिस्टम इंस्टॉल करने के लिए परिवहन विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है.

मैनुअल की मुश्किल ई-डिटेक्शन करेगा आसान

ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों का चालान तो कट जाता है लेकिन जुर्माने की राशि वसूलना ट्रैफिक पुलिस के लिए बड़ी मुसीबत है. पिछले 5 साल में केवल राजधानी रांची के ट्रैफिक का चालान 190 करोड रुपए बकाया है. मैनुअल तरीके से इसे वसूलना बेहद दुष्कर कार्य है. ऐसे में अब रांची ट्रैफिक पुलिस के द्वारा परिवहन विभाग को ई-डिटेक्शन सिस्टम इंस्टॉल करने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है. परिवहन विभाग के द्वारा ई-डिटेक्शन सिस्टम को राजधानी रांची में बहाल करने के लिए कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है.

क्या है ई-डिटेक्शन सिस्टम

देश के कई बड़े शहरों में परिवहन विभाग और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के द्वारा विकसित ई-डिटेक्शन सिस्टम का प्रयोग किया जा रहा है. जानकार बताते हैं कि यह एक पूरी तरह से स्वचालित डिजिटल निगरानी प्रणाली है. इस प्रणाली के तहत बिना किसी पुलिसकर्मी की मौजूदगी में भी सड़क पर चल रहे वाहनों के दस्तावेजों की जांच कर ली जाती है.

इस प्रणाली को ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन कैमरे के जरिए संचालित किया जाता है. जैसे ही ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन के सामने से कोई वहां गुजरता है कैमरा वहां के नंबर प्लेट को कैप्चर करता है. इसके बाद सामने लगे स्क्रीन पर उसके कागजातों की पूरी तरह से जांच कर इसका खाका मॉनिटर पर पेश कर देता है. मसलन अगर वाहन का चालान बकाया है या फिर वाहन बीमा फेल है या फिर फिटनेस सर्टिफिकेट फेल है सारी जानकारी स्क्रीन पर सामने आ जाती है.

रांची में इंस्टॉल करने की योजना

रांची ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह ने बताया कि कुछ बड़े शहरों में स्टार्टअप के जरिए सरकार के साथ टाइअप कर एलईडी स्क्रीन पर वाहन के चालान को पब्लिश किया जाता है. इससे पेंडिंग चालान की पड़ताल आन द स्पॉट हो जाती है. इसे लेकर रांची ट्रैफिक पुलिस के द्वारा भी प्रयास शुरू किया गया है ताकि पेंडिंग चालान की संख्या को कम किया जा सके. ट्रैफिक एसपी के अनुसार सिस्टम इंस्टॉल करने के लिए प्रक्रिया शुरू की गई है.

190 करोड़ का चालान बकाया

बिना हेलमेट, ओवर स्पीड, ट्रिपल राइड, ड्रंक एंड ड्राइव, बिना सीट बेल्ट पहने ड्राइविंग, रेड लाइट जंप और नो पार्किंग एरिया में पार्किंग करने की वजह से साल 2021 से लेकर साल 2026 के अप्रैल महीने तक राजधानी में लगभग सवा दो सौ करोड़ का चालान कटा है. जिसमें से अब तक मात्र 30 से 40 करोड़ रुपये ही चालान की राशि लोगों के द्वारा जमा की गई है, जबकि 190 करोड़ का चालान अब भी बकाया है.

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