Friday, October 30, 2026

रांची में निर्माण स्थलों को ग्रीन शीट से ढकना अनिवार्य, नियम तोड़ने पर लगेगा जुर्माना

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रांची | 30 अक्टूबर 2026

रांची में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए नगर निगम ने निर्माण स्थलों को लेकर सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। अब शहर में सभी निर्माणाधीन भवनों और कंस्ट्रक्शन साइट को ग्रीन शीट से ढकना अनिवार्य होगा। नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

शुक्रवार को नगर आयुक्त सुशांत गौरव की अध्यक्षता में सिटी लेवल इंप्लीमेंटेशन कमिटी (CLIC) की 12वीं बैठक हुई। इसमें राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत शहर में चल रहे कार्यों, खर्च और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

पांच प्रदूषित और पांच साफ इलाकों की होगी पहचान

बैठक में झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद को वैज्ञानिक आंकड़ों के आधार पर रांची के पांच सबसे अधिक और पांच सबसे कम प्रदूषित इलाकों की पहचान करने का निर्देश दिया गया।

इसके साथ ही दिन के अलग-अलग समय में PM10 का स्तर कितना रहता है, इसकी भी जानकारी जुटाई जाएगी। इससे प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों को समझने और नियंत्रण की बेहतर रणनीति बनाने में मदद मिलेगी।

सड़क मरम्मत से पौधरोपण तक बनेगा सैचुरेशन प्लान

नगर आयुक्त ने NCAP के तहत शहर के लिए व्यापक सैचुरेशन प्लान तैयार करने को कहा है। इसमें पेवर ब्लॉक लगाने, सड़कों की मरम्मत, पौधरोपण, शवदाह गृह और कचरा प्रबंधन से जुड़े कार्य शामिल होंगे।

तैयार योजना केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को भेजी जाएगी। नगर निगम की हॉर्टिकल्चर शाखा को पौधरोपण के लिए उपयुक्त स्थानों की पहचान कर हरित क्षेत्र बढ़ाने की कार्ययोजना बनाने का निर्देश भी दिया गया है।

वायु गुणवत्ता की निगरानी के लिए बनेगी विशेष टीम

शहर के विभिन्न इलाकों में वायु गुणवत्ता की वैज्ञानिक तरीके से निगरानी करने के लिए रूट प्लान तैयार किया जाएगा। इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विशेष टीम गठित करने का भी निर्णय लिया गया है।

बैठक में उपलब्ध फंड का अधिकतम और प्रभावी इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया। नगर निगम की अभियंत्रण शाखा को लंबित योजनाओं और विकास कार्यों को तय समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया गया।

स्कूल-कॉलेजों में चलेगा जागरूकता अभियान

वायु प्रदूषण के दुष्प्रभावों और उससे बचाव के उपायों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने के लिए स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

वहीं, नगर निगम की स्वास्थ्य शाखा को प्रदूषण से होने वाली बीमारियों और उनके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है।

नगर निगम की इस पहल का उद्देश्य निर्माण गतिविधियों से फैलने वाली धूल सहित प्रदूषण के अन्य स्रोतों पर नियंत्रण करना और शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार लाना है।

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