Wednesday, August 26, 2026

रांची में कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी पर नगर निगम सख्त, 20 संस्थानों को नोटिस; अवैध होर्डिंग्स पर भी कार्रवाई.

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रांची: शहर में भवन और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को लेकर रांची नगर निगम ने कार्रवाई तेज कर दी है। सुप्रीम कोर्ट और झारखंड हाईकोर्ट के निर्देशों के मद्देनजर नगर निगम ने कोचिंग संस्थानों, लाइब्रेरी और विज्ञापन संरचनाओं की जांच शुरू की है। शुरुआती चरण में 20 कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी संचालकों को नोटिस भेजकर जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा गया है।

नगर निगम के मुताबिक, विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भवन की वैधता, स्वीकृत नक्शा, भवन के इस्तेमाल की अनुमति, ट्रेड लाइसेंस और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की जांच की जाएगी।

भवन और फायर सेफ्टी की होगी जांच

नगर निवेश शाखा की ओर से जारी नोटिस में संबंधित संस्थानों से स्वीकृत भवन मानचित्र, भवन के अनुमोदित उपयोग, ट्रेड लाइसेंस, जरूरी अनुमतियों और फायर एनओसी समेत अन्य दस्तावेज मांगे गए हैं।

यदि किसी भवन में स्वीकृत नक्शे के विपरीत निर्माण या बिना अनुमति व्यावसायिक गतिविधि संचालित होती मिली, तो नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। आवासीय भवन का इस्तेमाल बिना अनुमति कोचिंग या दूसरी व्यावसायिक गतिविधि के लिए किए जाने की स्थिति में भी निगम कार्रवाई कर सकता है।

छात्रों की सुरक्षा पर विशेष निगरानी

नगर निगम ने अधिक संख्या में विद्यार्थियों वाले संस्थानों में फायर एग्जिट, अग्निशमन व्यवस्था और वैध फायर एनओसी को अनिवार्य बताया है। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा मानकों में कमी मिलने पर संबंधित संस्था और भवन मालिक के खिलाफ नियमानुसार कदम उठाया जा सकता है।

नियमों का पालन नहीं करने पर प्रक्रिया के तहत सीलिंग जैसी कार्रवाई भी संभव है।

नोटिस पाने वाले संस्थानों में लालपुर, ईस्ट जेल रोड, थड़पखना और स्कूलर रोड इलाके के विभिन्न कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी शामिल हैं।

फुटपाथ पर लगे होर्डिंग्स भी निगम के निशाने पर

कोचिंग संस्थानों के अलावा नगर निगम ने शहर में लगे अवैध होर्डिंग, मोनोपोल और यूनिपोल के खिलाफ भी अभियान चलाया है। खासतौर पर ऐसे विज्ञापन ढांचों की जांच की जा रही है जो फुटपाथ या पैदल यात्रियों के रास्ते में बाधा बन रहे हैं।

निगम के अनुसार, न्यायालय के निर्देशों के तहत फुटपाथ पर लगाए गए और निर्धारित ऊंचाई से कम वाले होर्डिंग्स को हटाने की कार्रवाई की जा रही है।

राम मंदिर-कांके रोड से हरमू बाईपास तक जांच

इसी अभियान के तहत राम मंदिर-कांके रोड से हिंदपीढ़ी चौक होते हुए हरमू बाईपास तक होर्डिंग्स, मोनोपोल और यूनिपोल का निरीक्षण किया गया। निगम की जांच में बड़ी संख्या में विज्ञापन संरचनाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गईं।

निगम का कहना है कि फुटपाथ और पैदल पथ पर कब्जे या अवरोध से राहगीरों की आवाजाही प्रभावित होती है। इसलिए ऐसे ढांचों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

विज्ञापन एजेंसियों को खुद हटाने का निर्देश

नगर निगम ने संबंधित विज्ञापन कंपनियों और होर्डिंग संचालकों से कहा है कि वे नियमों के विपरीत लगे ढांचों को निर्धारित समय के भीतर स्वयं हटा लें। ऐसा नहीं करने पर निगम अपने स्तर से कार्रवाई कर सकता है।

नियमों की अनदेखी करने वाली एजेंसियों के खिलाफ ब्लैकलिस्टिंग सहित अन्य प्रशासनिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

आगे भी जारी रहेगी जांच

नगर आयुक्त सुशांत गौरव के अनुसार, शहर के दूसरे प्रमुख मार्गों पर भी होर्डिंग्स और विज्ञापन संरचनाओं का निरीक्षण किया जाएगा। निगम का जोर फुटपाथों को अतिक्रमण से मुक्त रखने और पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित रास्ता सुनिश्चित करने पर है।

उन्होंने कहा कि न्यायालय के निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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