Saturday, September 19, 2026

रांची के आजाद बस्ती में बूचड़खाने पर कार्रवाई का विरोध, निगम की टीम बिना तोड़फोड़ लौट गई.

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Ranchi News: रांची के कर्बला चौक स्थित आजाद बस्ती में शनिवार को बूचड़खाने पर कार्रवाई करने पहुंची नगर निगम की टीम को स्थानीय लोगों के विरोध के बाद वापस लौटना पड़ा। निगम की टीम बुलडोजर के साथ मौके पर पहुंची थी। कार्रवाई की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोग जुट गए और विरोध शुरू कर दिया।

पार्षदों के साथ लोगों ने दिया धरना

नगर निगम की कार्रवाई के विरोध में वार्ड-17 की पार्षद फातिमा और वार्ड-16 के पार्षद सलाउद्दीन समेत अन्य लोग धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि दुकानों को हटाने से पहले कम से कम एक महीने का समय दिया जाए।

स्थानीय लोगों ने कहा कि जब तक प्रभावित दुकानदारों के लिए स्थायी या वैकल्पिक जगह की व्यवस्था नहीं होती, तब तक दुकानें नहीं तोड़ी जानी चाहिए।

करीब 90 साल पुराना परिसर होने का दावा

दुकानदारों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यह परिसर करीब 90 साल पुराना है। उनके अनुसार, 1972 में यहां सौंदर्यीकरण का काम कराया गया था और उस दौरान लगभग 54 दुकानदारों को लाइसेंस दिए गए थे।

लोगों के मुताबिक, करीब 18-19 डिसमिल जमीन पर लंबे समय से बूचड़खाना संचालित होता रहा है और इससे कई परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है।

नोटिस को लेकर भी उठे सवाल

दुकानदारों ने दावा किया कि नगर निगम की ओर से कार्रवाई से एक दिन पहले शाम करीब 5 से 6 बजे नोटिस चस्पा किया गया था। इसके अगले दिन ही टीम बुलडोजर लेकर पहुंच गई।

दुकानदारों का कहना है कि उन्हें दुकान खाली करने और वैकल्पिक व्यवस्था के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए था।

पार्षदों ने लगाया सूचना नहीं देने का आरोप

धरने पर बैठे पार्षदों ने आरोप लगाया कि नगर निगम की टीम ने कार्रवाई से पहले वार्ड पार्षदों को इसकी जानकारी नहीं दी। उन्होंने यह भी मांग की कि जिन लोगों के नाम से दुकानों का आवंटन किया गया था, उनके नाम पर ही आगे दुकान आवंटन की प्रक्रिया की जाए।

रोजगार प्रभावित होने की कही बात

प्रदर्शन कर रहे दुकानदारों ने बताया कि पिछले करीब एक साल से दुकानें बंद हैं। उनका कहना है कि इससे परिवार का खर्च चलाने के साथ बच्चों की पढ़ाई और इलाज जैसी जरूरतों को पूरा करना भी मुश्किल हो रहा है।

धरने में शामिल हाफिजा खातून ने अपनी आर्थिक परेशानियों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें कई महीनों से विधवा पेंशन नहीं मिली है। ऐसे में रोजगार का साधन भी खत्म होने पर परिवार के सामने परेशानी और बढ़ सकती है।

मौके पर पुलिस बल तैनात

विरोध को देखते हुए मौके पर पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की गई। कर्बला चौक और आसपास के इलाके में पुलिस बल मौजूद रहा। लोगों के विरोध के बीच नगर निगम की टीम को बिना कार्रवाई किए वापस लौटना पड़ा।

प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम से मांग की कि किसी भी कार्रवाई से पहले प्रभावित दुकानदारों और स्थानीय लोगों के साथ बातचीत कर उनकी समस्याओं का समाधान निकाला जाए। धरने में आमिया के अध्यक्ष एस. अली, पूर्व पार्षद गुलाम सरवर रिजवी और वार्ड-15 की पार्षद गजाला प्रवीण समेत अन्य लोग शामिल रहे।

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