जामताड़ा: रक्षाबंधन के मौके पर जामताड़ा जिले के नारायणपुर वन क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण को लेकर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। वन क्षेत्र के पांच अलग-अलग स्थानों पर हुए वृक्ष रक्षाबंधन कार्यक्रम में वनकर्मियों, वन समितियों के सदस्यों और स्थानीय ग्रामीणों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान लोगों ने जंगल में मौजूद पेड़ों को रक्षा सूत्र बांधा और उनकी सुरक्षा का संकल्प लिया। ग्रामीणों ने कहा कि पेड़-पौधे मानव जीवन का अहम आधार हैं। जंगलों की हरियाली बनी रहने से पर्यावरणीय संतुलन कायम रहता है और आने वाली पीढ़ियों को भी सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण मिल सकता है।
वन विभाग की ओर से ग्रामीणों को वन संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया। वनकर्मियों ने लोगों से जंगल में अवैध रूप से पेड़ों की कटाई रोकने, वन संपदा को नुकसान से बचाने और वन क्षेत्र की सुरक्षा में विभाग का सहयोग करने की अपील की।
कार्यक्रम में वनरक्षी दुर्गा किस्कू, वनकर्मी चंदन मंडल के अलावा संबंधित वन समितियों के सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने भी वन विभाग के साथ मिलकर जंगलों की सुरक्षा करने की प्रतिबद्धता जताई।
इस दौरान लोगों ने पौधरोपण को बढ़ावा देने और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया। वृक्ष रक्षाबंधन के जरिए रक्षाबंधन पर्व को प्रकृति संरक्षण से जोड़ते हुए लोगों तक यह संदेश पहुंचाया गया कि पेड़ों की सुरक्षा ही पर्यावरण और मानव जीवन की सुरक्षा का आधार है।
