Tuesday, April 14, 2026

मेटा कंपनी अब जुकरबर्ग के एआई अवतार को कर्मचारियों के साथ जोड़ने की तैयारी कर रही है जिससे संगठन में संवाद और मजबूत होगा.

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 मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग जल्द ही अपने एक एआई क्लोन के साथ बातचीत कर सकेंगे, जो कंपनी के कर्मचारियों को फीडबैक देने में मदद करेगा. फाइेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मेटा इस एआई अवतार को जुकरबर्ग की इमेज, आवाज, अंदाज-ए-बयान, लहजे और सार्वजनिक बयान पर ट्रेनिंग दे रहा है. इसका मकसद यह है कि कर्मचारी संस्थापक से ज्यादा जुड़ाव महसूस करें, भले ही वो सीधा न मिल पाए फिर भी.

यह प्रोजेक्ट अभी तक शुरुआती स्टेज में है, लेकिन अगर यह सफल रहा तो मेटा क्रिएटर्स को भी खुद के एआई अवतार बनाने की इजाजत दे सकता है. साल 2024 में कंपनी ने एक लाइव डेमो दिखाया था, जिसमें देखा गया था कि क्रिएटर्स के एआई पर्सोना को कैसे इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके अलावा इंस्टाग्राम पर क्रिएटर्स पहले से ही अपने एआई वर्जन बना सकते हैं, जो फॉलोअर्स की कमेंट्स का जवाब देते हैं. हालांकि हाल ही में कंपनी ने टीनएजर्स के लिए इस फीचर पर पाबंदी लगा दी है. यूज़र्स कस्टम एआई चैटबॉट्स भी बन सकते हैं, लेकिन सुरक्षा के मद्देनज़र कुछ बदलाव भी किए गए हैं.

जुकरबर्ग की एआई अवतार ट्रेनिंग

जुकरबर्ग खुद इस एआई अवतार की ट्रेनिंग में शामिल हैं. रिपोर्ट्स बताती है कि वो अब हफ्ते में पांत से दस घंटे मेटा के अन्य एआई प्रोजेक्ट्स पर कोडिंग करते हैं और टेक्निकल रिव्यू में हिस्सा लेते हैं. इससे साफ है कि वो एआई को कंपनी की रीढ़ बनाने पर जोर दे रहे हैं. मार्च में वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि जुकरबर्ग अपने लि एक अलग एआई एजेंट बना रहे हैं, जो उनके कामकाज में मदद करेगा. यह प्रोजेक्ट कर्मचारियों के लिए बनाए जा रहे अवतार से अलग हैं. ट

यह कदम मेटा की व्यापक एआई स्ट्रैटेजी का हिस्सा लगता है, जहां कंपनी फोटोरियलिस्टिक 3डी कैरेक्टर्स पर काम कर रही है. ऐसे अवतार रीयल टाइम में इंटरैक्ट कर सकेंगे. इससे एक्जीक्यूटिव्स का रीच बढ़ सकता है, लेकिन सुरक्षा और गोपनीयता के जोखिम भी सामने आ सकते हैं. अगर कर्मचारी इस एआई से जुकरबर्ग की तरह फीडबैक पा सकेंगे, तो संगठनात्मक संवाद तेज और ज्यादा प्रभावी हो सकता है.

लिहाजा, यह प्रयोग दिखाता है कि बड़े टेक लीडर्स अब खुद को डिजिटल रूप से दोहराने की ओर बढ़ रहे हैं. भविष्य में शायद हर क्रिएटर या लीडर के पास अपना एआई ट्विन होगा, जो उनके स्टाइम में बात कर सकेगा. मेटा जैसे प्लेटफॉर्म्स पर यह ट्रेंड काफी तेजी से फैल रहा है, लेकिन इस क्षेत्र में चैलेंजेस भी बहुत सारे हैं.

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