Thursday, October 29, 2026

मुजफ्फरपुर में सड़क हादसे के घायलों को मिलेगा ₹1.5 लाख तक मुफ्त इलाज, 69 अस्पतालों में मिलेगी सुविधा.

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BharatSuperFastNews | मुजफ्फरपुर

Muzaffarpur News: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को बेहतर और समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पीएम-राहत योजना लागू करने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। इस योजना के तहत सड़क हादसे में घायल लोगों को अधिकतम ₹1.5 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। जिले के 69 सरकारी और निजी अस्पतालों को इस योजना से जोड़ा गया है।

योजना का मुख्य उद्देश्य दुर्घटना के बाद घायलों को जल्द से जल्द चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि इलाज में देरी के कारण उनकी जान को खतरा न हो।

इलाज में देरी नहीं, सबसे पहले मरीज की जान बचाने पर जोर

जिला सड़क सुरक्षा समिति के तत्वावधान में समाहरणालय सभाकक्ष में योजना के क्रियान्वयन को लेकर कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें संबंधित अधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए।

अधिकारियों ने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति अस्पताल पहुंचता है, तो सबसे पहले उसका उपचार शुरू किया जाना चाहिए। कागजी प्रक्रिया और पोर्टल पर जानकारी दर्ज करने के कारण इलाज में देरी नहीं होनी चाहिए। उपचार शुरू होने के बाद संबंधित विवरण टीएमएस पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा।

गोल्डन आवर में इलाज मिलने से बच सकती है जान

जिला परिवहन पदाधिकारी प्रियंका सिन्हा ने बताया कि सड़क दुर्घटना के बाद शुरुआती एक घंटा, जिसे गोल्डन आवर कहा जाता है, घायल व्यक्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान उचित चिकित्सा सहायता मिलने से गंभीर स्थिति में मरीज को बचाने में मदद मिल सकती है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि दुर्घटना की जानकारी मिलते ही तत्काल सहायता के लिए आगे आएं। आपातकालीन स्थिति में पुलिस और सहायता सेवाओं के लिए 112 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।

पुलिस सत्यापन के बाद अस्पतालों को होगा भुगतान

योजना के तहत पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ितों के इलाज पर निर्धारित सीमा तक खर्च का भुगतान मोटर वाहन दुर्घटना निधि से किए जाने की व्यवस्था बताई गई है।

अस्पताल में उपचार शुरू होने के बाद मरीज से संबंधित जानकारी पोर्टल पर दर्ज की जाएगी। इसके बाद संबंधित थाने की ओर से 24 घंटे के भीतर सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सत्यापन के बाद नियमानुसार अस्पताल को इलाज की राशि का भुगतान किया जाएगा।

इस व्यवस्था का उद्देश्य दुर्घटना पीड़ितों को इलाज के लिए तत्काल आर्थिक परेशानी से बचाना है।

69 सरकारी और निजी अस्पताल योजना से जुड़े

मुजफ्फरपुर जिले में आयुष्मान भारत योजना से संबद्ध कुल 69 अस्पतालों को पीएम-राहत योजना के लिए टैग किया गया है। इन अस्पतालों को अपने परिसर में योजना से संबंधित बैनर और पोस्टर लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को इसकी जानकारी मिल सके।

घायलों की मदद करने वालों को लेकर भी निर्देश

कार्यशाला में सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार और ट्रैफिक डीएसपी अभिजीत अलकेश ने आम लोगों से सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की मदद करने की अपील की।

अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना पीड़ितों को अस्पताल पहुंचाने वाले नेक मददगारों यानी गुड सेमैरिटन को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाना चाहिए। लोगों की भागीदारी से दुर्घटना के बाद घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में मदद मिल सकती है।

योजना से जुड़ी प्रमुख बातें

  • इलाज की सीमा: अधिकतम ₹1.5 लाख तक कैशलेस उपचार।
  • अस्पतालों की संख्या: मुजफ्फरपुर में 69 सरकारी और निजी अस्पताल।
  • प्राथमिकता: मरीज का उपचार पहले, पोर्टल पर जानकारी दर्ज करने की प्रक्रिया बाद में।
  • पुलिस सत्यापन: अस्पताल की ओर से विवरण दर्ज किए जाने के बाद संबंधित थाने को 24 घंटे के भीतर सत्यापन करना होगा।
  • आपातकालीन नंबर: 112।

BharatSuperFastNews की अपील: सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को देखकर अनदेखा न करें। सुरक्षित तरीके से सहायता करें और जरूरत पड़ने पर तुरंत आपातकालीन सेवा को सूचना दें। समय पर मदद किसी की जान बचाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

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