धनबाद: परिवहन विभाग और टाटा मोटर्स के बीच जमशेदपुर में इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग, ट्रेनिंग एंड रिसर्च (आईडीटीआर) की स्थापना को लेकर हुए समझौते के अवसर पर आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने धनबाद जिले के लाभार्थियों से ऑनलाइन संवाद किया। कार्यक्रम से राज्य के सभी जिले वर्चुअल माध्यम से जुड़े थे।
मुख्यमंत्री ने धनबाद की लाभार्थी षष्ठी देवी और जोनाकी दत्ता से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के अनुभव के बारे में जानकारी ली। उन्होंने पूछा कि आवेदन से लेकर लाइसेंस मिलने तक की प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी का सामना तो नहीं करना पड़ा।
इस दौरान षष्ठी देवी ने बताया कि उन्होंने दोपहिया वाहन के लिए लाइसेंस बनवाया है, जबकि जोनाकी दत्ता ने दोपहिया और लाइट मोटर व्हीकल (एलएमवी) श्रेणी के लिए आवेदन किया था। दोनों लाभार्थियों ने कहा कि पूरी प्रक्रिया सरल रही और सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उन्हें समय पर ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त हो गया।
कार्यक्रम के बाद धनबाद उपायुक्त आदित्य रंजन ने 15 लाभार्थियों को उनके ड्राइविंग लाइसेंस वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस केवल वाहन चलाने की वैधानिक अनुमति नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण पहचान दस्तावेज भी है। उन्होंने नागरिकों से निर्धारित नियमों का पालन करते हुए वैध लाइसेंस बनवाने की अपील की।
इस मौके पर जिला परिवहन पदाधिकारी दिवाकर सी. द्विवेदी, डीआरडीए निदेशक राजीव रंजन, मोटर वाहन निरीक्षक (एमवीआई) अभय कुमार सहित परिवहन विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
