रांची, 14 अगस्त 2026: झारखंड की मंईयां सम्मान योजना के लाभुकों के लिए अगस्त की किस्त को लेकर सरकार ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। सामाजिक सुरक्षा निदेशालय के अनुसार सत्यापित लाभुकों के बैंक खातों में राशि डीबीटी के माध्यम से भेजने की तैयारी चल रही है। हालांकि, योजना में नए लाभुकों को शामिल करने की समयसीमा को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
वर्तमान में करीब 50.23 लाख महिलाएं योजना का लाभ ले रही हैं और पात्र लाभुकों को हर महीने 2,500 रुपये की सहायता राशि दी जा रही है।
खनिज राजस्व को लेकर वित्त मंत्री की चिंता
मंईयां सम्मान योजना के भविष्य को लेकर चर्चा उस समय तेज हुई है, जब वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने केंद्र के खनिज एवं खनन संबंधी संशोधन विधेयक के संभावित वित्तीय प्रभाव पर चिंता जताई है।
वित्त मंत्री के मुताबिक प्रस्तावित बदलावों से झारखंड को Mineral Bearing Land Cess से मिलने वाले अनुमानित 13,215 करोड़ रुपये सालाना राजस्व पर असर पड़ सकता है। उन्होंने दावा किया कि अन्य वित्तीय प्रभावों को जोड़ने पर राज्य के सामने करीब 25 हजार करोड़ रुपये तक का संभावित राजस्व नुकसान हो सकता है।
उनका कहना है कि राज्य के राजस्व पर दबाव बढ़ने की स्थिति में सामाजिक सुरक्षा और जनकल्याणकारी योजनाओं के वित्तपोषण पर भी असर पड़ सकता है।
रक्षाबंधन के आसपास किस्त मिलने की उम्मीद
सामाजिक सुरक्षा निदेशालय के निदेशक विजय कुमार सिन्हा के अनुसार अगस्त की किस्त भेजने की प्रक्रिया पर काम चल रहा है। ऐसे में पात्र लाभुकों को रक्षाबंधन के आसपास राशि मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
हालांकि, नए पात्र लाभुकों को योजना में जोड़ने की प्रक्रिया कब पूरी होगी, इस पर फिलहाल कोई निश्चित तारीख सामने नहीं आई है। सरकार का तत्काल जोर पहले से सत्यापित लाभुकों को समय पर भुगतान करने पर है।
सत्यापन के बाद घटे लाभुक
योजना के लाभुकों की संख्या में पिछले डेढ़ साल के दौरान कमी आई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2025 में करीब 56.61 लाख लाभुक थे। सत्यापन प्रक्रिया के बाद जून 2026 तक यह संख्या घटकर 50.23 लाख रह गई।
इस अवधि में करीब 6.38 लाख अपात्र या संदिग्ध लाभुकों के नाम सूची से हटाए गए। रांची में लाभुकों की संख्या में सबसे अधिक 64,927 की कमी दर्ज की गई, जबकि धनबाद में 53,746 नाम कम हुए।
सामाजिक योजनाओं पर बहस तेज
खनिज राजस्व से जुड़े प्रस्तावित बदलावों को लेकर राज्य सरकार और केंद्र के बीच राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए कहा है कि राजस्व में कमी का असर सामाजिक सुरक्षा, आवास, पेंशन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी योजनाओं पर पड़ सकता है।
फिलहाल अगस्त की मंईयां सम्मान राशि को लेकर सरकार की ओर से भुगतान की तैयारी जारी है। वहीं, आगे की किस्तों और नए लाभुकों को जोड़ने की प्रक्रिया राज्य की वित्तीय स्थिति तथा सरकार के आगामी निर्णयों पर निर्भर करेगी।
