नई दिल्ली: भारत सरकार ने देश में रहने वाले विदेशी नागरिकों के लिए आव्रजन नियमों को कड़ा करते हुए पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) की समय-सीमा में महत्वपूर्ण बदलाव किया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा अधिसूचित ‘आप्रवासन और विदेशी नागरिक नियम, 2025’ के तहत अब विदेशी नागरिकों को भारत में प्रवास के 180 दिन पूरे होने से पहले ही अपना अनिवार्य पंजीकरण कराना होगा.
सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य देश के आव्रजन ढांचे को और अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और डिजिटल रूप से सुदृढ़ बनाना है ताकि ओवरस्टे के मामलों पर प्रभावी ढंग से निगरानी रखी जा सके.
14 दिनों की रियायत समाप्त
नए प्रावधानों के लागू होने से पहले, विदेशी नागरिकों को भारत आगमन के 180 दिन पूरे होने के बाद पंजीकरण के लिए 14 दिनों का अतिरिक्त समय दिया जाता था. सरकार ने इस पुरानी व्यवस्था को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है. अब यदि कोई विदेशी नागरिक 180 दिन या उससे कम अवधि के वीजा पर भारत आया है और वह अपनी प्रवास अवधि को बढ़ाना चाहता है, तो उसे 180 दिनों की समय-सीमा खत्म होने से पहले ही आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होगी.
आपातकालीन स्थितियों में ही मिलेगी छूट
यह नियम उन दीर्घकालिक (लॉन्ग-टर्म) वीजा धारकों पर भी समान रूप से लागू होगा, जिनके वीजा पर प्रत्येक यात्रा के दौरान अधिकतम 180 दिन रुकने की शर्त दर्ज है. मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, यदि कोई विदेशी नागरिक निर्धारित अवधि के भीतर पंजीकरण कराने में विफल रहता है, तो तय सीमा के बाद पंजीकरण की अनुमति केवल अत्यंत असाधारण और आपातकालीन परिस्थितियों में ही दी जाएगी.
बच्चों की नागरिकता को लेकर नियमों में ढील
संशोधित नियमों में भारत में जन्म लेने वाले उन बच्चों के नियमों को भी सुगम बनाया गया है, जिनके माता-पिता में से कोई एक विदेशी नागरिक है. पुराने नियमों के तहत, ऐसे नवजात बच्चों के लिए वीजा या निकास अनुमति प्राप्त करने के लिए जन्म के 30 दिनों के भीतर अधिकारियों को ऑनलाइन सूचित करना अनिवार्य था.
अब, यदि माता-पिता में से कोई एक भारतीय नागरिक है और वे बच्चे के लिए भारतीय नागरिकता बनाए रखना चाहते हैं, तो यह 30 दिनों की अनिवार्य ऑनलाइन सूचना देने की शर्त लागू नहीं होगी. हालांकि, यदि बच्चा भारत में रहते हुए बाद में किसी अन्य देश की नागरिकता लेता है, तो माता-पिता को 30 दिनों के भीतर इसकी सूचना क्षेत्रीय पंजीकरण अधिकारी (FRRO) को देनी होगी.
चिकित्सा संस्थानों के लिए सख्त निर्देश
इसके अतिरिक्त, नए नियमों के तहत विदेशी नागरिकों को चिकित्सा और ठहरने की सुविधा देने वाले अस्पतालों, नर्सिंग होम और स्वास्थ्य केंद्रों के लिए प्रशासनिक रिपोर्टिंग नियमों को कड़ा किया गया है, ताकि विदेशी मरीजों की सटीक ट्रैकिंग की जा सके.


