Monday, April 27, 2026

भारत और न्यूजीलैंड आज ऐतिहासिक व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे, जिससे निर्यात शुल्क मुक्त होगा, 20 अरब डॉलर निवेश आएगा और वीजा आसान होंगे.

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नई दिल्ली: भारत और न्यूजीलैंड के आर्थिक रिश्तों में आज एक नया इतिहास रचने जा रहा है. दोनों देश आज नई दिल्ली के ‘भारत मंडपम’ में बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर करेंगे. इस समझौते का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार को नई ऊंचाइयों पर ले जाना और निवेश को प्रोत्साहित करना है.

व्यापारिक बाधाएं होंगी खत्म
आज होने वाले इस हस्ताक्षर के बाद, भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापारिक दीवारें काफी हद तक गिर जाएंगी. इस समझौते (FTA) के तहत दोनों देश आपसी व्यापार में लगने वाले सीमा शुल्क (Customs Duties) को या तो पूरी तरह समाप्त कर देंगे या उनमें भारी कटौती करेंगे. यह कदम द्विपक्षीय व्यापार को अगले पांच वर्षों में 5 अरब डॉलर के पार ले जाने के लक्ष्य के साथ उठाया जा रहा है.

भारतीय उत्पादों के लिए ‘जीरो ड्यूटी’ का मौका
भारतीय निर्यातकों के लिए आज का दिन बड़ी खुशखबरी लेकर आया है. समझौते के तहत, भारत के श्रम-प्रधान क्षेत्रों जैसे— कपड़ा (Textiles), चमड़ा, प्लास्टिक और इंजीनियरिंग सामान को न्यूजीलैंड के बाजार में 100% शुल्क-मुक्त प्रवेश मिलेगा. इससे वैश्विक बाजार में भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा.

सेवा क्षेत्र और वीजा में बड़ी राहत
सिर्फ सामान ही नहीं, बल्कि सेवाओं के क्षेत्र में भी भारत को बड़ी जीत मिलने वाली है. आज के समझौते में भारतीय पेशेवरों (IT और अन्य कुशल कामगारों) के लिए 5,000 अस्थायी रोजगार वीजा का कोटा तय किया गया है. इसके जरिए भारतीय युवा तीन साल तक न्यूजीलैंड में अपनी सेवाएं दे सकेंगे. साथ ही, वहां शिक्षा की लागत कम होने की भी उम्मीद है, जिससे भारतीय छात्रों को लाभ होगा.

सुरक्षित रहे भारतीय किसान और डेयरी सेक्टर
भारत सरकार ने इस समझौते में चतुराई से अपने संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की है. भारतीय किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए डेयरी उत्पाद (दूध, पनीर, दही), सब्जियां और चीनी जैसे क्षेत्रों को इस समझौते से बाहर रखा गया है. यानी न्यूजीलैंड के डेयरी उत्पाद भारतीय बाजार में स्थानीय किसानों को नुकसान नहीं पहुंचा पाएंगे.

निवेश का महासागर: 20 अरब डॉलर का वादा
आज का दिन निवेश के लिहाज से भी क्रांतिकारी है. न्यूजीलैंड ने अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर (करीब 1.6 लाख करोड़ रुपये) का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) करने का संकल्प लिया है. यह भारत के बुनियादी ढांचे और तकनीकी विकास में मील का पत्थर साबित होगा.

2010 से शुरू हुई और 2025 में फिर से पटरी पर लौटी यह वार्ता आज अपने अंजाम तक पहुंच रही है. यह समझौता न केवल दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा, बल्कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की रणनीतिक पकड़ को भी और मजबूत बनाएगा.

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