Sunday, September 13, 2026

बिहार में चीनी मिल लगाने पर बड़ा प्रोत्साहन, 1 रुपये में 40 एकड़ जमीन और 70 करोड़ तक की मदद.

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Bihar Sugar Mill Policy 2026: बिहार सरकार ने राज्य में चीनी उद्योग और गन्ना आधारित कारोबार को बढ़ावा देने के लिए नई निवेश नीति लागू की है। इस नीति के तहत चीनी मिल स्थापित करने वाले निवेशकों को 40 एकड़ तक जमीन महज 1 रुपये की टोकन राशि पर उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा नई चीनी मिल लगाने पर सरकार की ओर से 70 करोड़ रुपये तक का वित्तीय प्रोत्साहन भी दिया जाएगा।

नई निवेश नीति से चीनी उद्योग को बढ़ावा

राज्य सरकार ने बिहार गन्ना उद्योग निवेश प्रोत्साहन नीति-2026 को लागू किया है। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य में गन्ना आधारित उद्योगों के लिए निवेश का माहौल तैयार करना और नई चीनी मिलों की स्थापना को प्रोत्साहित करना है।

सरकार का मानना है कि इस नीति से निवेशकों को जमीन और आर्थिक सहायता जैसी सुविधाएं मिलने से चीनी उद्योग के विस्तार को गति मिलेगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश के बाद नीति को लागू किया गया है।

पांच साल में 25 नई चीनी मिलों का लक्ष्य

राज्य सरकार ने आने वाले पांच वर्षों में बिहार में 25 नई चीनी मिलें स्थापित करने का लक्ष्य तय किया है। इसके साथ ही लंबे समय से बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा चालू करने की दिशा में भी काम किया जाएगा।

चीनी मिलों से जुड़े निवेश और परियोजनाओं की निगरानी के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति बनाई गई है। यह समिति नई मिलों की स्थापना और संबंधित प्रक्रियाओं को तेजी से आगे बढ़ाने में भूमिका निभाएगी।

नई मिल के लिए 70 करोड़ रुपये तक का प्रोत्साहन

नई नीति में कम से कम 3500 टीडीसी क्षमता वाली चीनी मिल स्थापित करने वाले निवेशकों के लिए 70 करोड़ रुपये तक के अनुदान का प्रावधान है। यह राशि एकमुश्त देने के बजाय पांच बराबर वार्षिक किस्तों में उपलब्ध कराई जाएगी।

यदि किसी नई मिल की क्षमता 3500 टीडीसी से अधिक होती है तो अतिरिक्त क्षमता के आधार पर भी प्रोत्साहन मिलेगा। नीति के अनुसार प्रत्येक 100 टीडीसी अतिरिक्त क्षमता पर 2 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ देने का प्रावधान है।

चल रही चीनी मिलों को भी मिलेगा फायदा

नई नीति का लाभ केवल नई मिल लगाने वाले निवेशकों तक सीमित नहीं है। पहले से संचालित चीनी मिलों की क्षमता बढ़ाने पर भी सरकार प्रोत्साहन देगी।

किसी मौजूदा मिल की क्षमता में 1000 टीडीसी तक की बढ़ोतरी करने पर 15 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन दिया जाएगा। इसके बाद प्रत्येक अतिरिक्त 100 टीडीसी क्षमता विस्तार पर 1.5 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता का प्रावधान किया गया है।

किसानों और रोजगार पर भी होगा असर

सरकार की योजना के पीछे केवल नई चीनी मिलों की संख्या बढ़ाना ही उद्देश्य नहीं है। गन्ना किसानों के लिए बेहतर बाजार तैयार करना, गन्ना आधारित उद्योगों को विस्तार देना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करना भी इसके प्रमुख लक्ष्य हैं।

सरकार को उम्मीद है कि नई मिलों की स्थापना और बंद इकाइयों के दोबारा शुरू होने से बिहार में निवेश को बढ़ावा मिलेगा। इससे गन्ना उत्पादन से जुड़े किसानों के साथ-साथ स्थानीय श्रमिकों और कारोबारियों को भी लाभ मिलने की संभावना है।

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