तंजावुर: बिहार की मानसिक रूप से बीमार महिला को 8 महीने बाद उसके पति को सौंप दिया गया. तमिलनाडु के तंजावुर जिले की कलेक्टर प्रियंका पंकजम ने उसे मिठाई खिलाकर खुशी-खुशी विदा किया.
पिछले साल 29 अक्टूबर को तंजावुर जिले में पापनासम रेलवे स्टेशन के पास मानसिक रूप से बीमार 30 वर्षीय महिला को उसके बच्चे के साथ बचाया गया था. इसके बाद उसे तंजावुर राजा मीरासुदर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. महिला पिछले 8 महीनों से वहां इलाज करा रही थी.
- जिला मनोचिकित्सक चित्रा देवी की देखरेख में उसका इलाज चल रहा था. धीरे-धीरे महिला की हालत में सुधार होने लगा तो उसने डॉक्टर को अपने पति और शहर का नाम हिंदी में बताया. ‘सेट इंडिया’ के अधिकारियों ने हिंदी बोलने वाले एक व्यक्ति के जरिये महिला से बात करके जानकारी जुटाई.
- उसके आधार पर पता चला कि महिला बिहार के नावादा जिले गोंदापुर गांव की रहने वाली है, उसका नाम मुन्नी देवी है और उसके पति का नाम प्रकाश है. यह भी पता चला कि उनके बच्चे का नाम सुखाना है. प्रकाश वहां एक अस्पताल में सफाई का काम करता है.
- इसके बाद बिहार पुलिस के जरिये मुन्नीदे वी के पति का पता लगाया और प्रकाश से वीडियो कॉल पर बात की और पूछा कि क्या वह जो कह रहा है वह सच है. उस समय उसने कहा कि उनकी शादी 4 साल पहले हुई थी और मुन्नी देवी की मानसिक बीमारी का इलाज चल रहा था.
- पिछले साल अप्रैल में मुन्नी देवी को मानसिक स्वास्थ्य के लिए दवाइयां लेने के बावजूद बच्चा हुआ था. बाद में उसने दवाइयां लेना बंद कर दिया और एक दिन बच्चे को लेकर घर से निकल गई. प्रकाश ने बताया कि कई जगह तलाश करने के बाद भी उसका पता नहीं चला.
- सूचना मिलने पर तंजावुर पहुंचा प्रकाश
ऐसे में प्रकाश को 17 जून पता चला कि उसकी पत्नी तंजावुर में है, तो वह खुशी-खुशी अपने रिश्तेदारों के साथ तंजावुर आ गया. तंजावुर जिला कलेक्टर कार्यालय में जिला कलेक्टर प्रियंका पंकजम की मौजूदगी में मुन्नी देवी को प्रकाश को सौंप दिया गया. - इस अवसर पर एनजीओ ‘सेट इंडिया’ के प्रबंध निदेशक पथिमराज, मानसिक रोगियों के लिए आपातकालीन एवं उपचार केंद्र की समन्वयक निशांति और 181 एकीकृत सेवा केंद्र की समन्वयक विमला उपस्थित थीं.
जिला कलेक्टर ने मुन्नीदेवी को दवाइयां, कपड़े, मिठाई आदि देकर विदा किया, ताकि उसका इलाज जारी रहे. प्रकाश ने आठ महीने बाद अपनी पत्नी और बच्चे को देखा तो वह भावुक होकर रो पड़ा. फिर वह खुशी-खुशी अपने बच्चे और पत्नी को लेकर बिहार के लिए रवाना हो गया.


