Dhanbad News Today: झारखंड के धनबाद स्थित बारामुड़ी खटाल में वर्षों से रह रहे करीब 200 गरीब परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी है। झारखंड राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए धनबाद के उपायुक्त आदित्य रंजन को कार्रवाई रोकने का निर्देश दिया है। इन परिवारों पर बेघर होने का खतरा मंडरा रहा था। आयोग के हस्तक्षेप से प्रभावित परिवारों को अपने घर बचने की उम्मीद है।
गरीब परिवारों को हटाने के मामले में आयोग ने लिया संज्ञान
बारामुड़ी खटाल में रहने वाले परिवारों की समस्या को लेकर झामुमो के धनबाद महानगर संगठन सचिव सुधीर कुमार यादव और सुंदर प्रसाद यादव ने झारखंड राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष को आवेदन सौंपा था।
आवेदन में जिला प्रशासन की ओर से वर्षों से रह रहे परिवारों को हटाने के प्रयास पर रोक लगाने और उनके घरों को बचाने की मांग की गई थी। इसके बाद आयोग की ओर से धनबाद डीसी को मामले में कार्रवाई रोकने का निर्देश दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
वर्ष 2005 में बेकारबांध से हटाकर बसाए गए थे परिवार
आयोग के अध्यक्ष को दिए गए आवेदन में बताया गया कि बारामुड़ी खटाल में रहने वाले परिवारों को वर्ष 2005 में तत्कालीन उपायुक्त की व्यवस्था के तहत बेकारबांध स्थित खटाल से हटाकर यहां बसाया गया था।
इसके बाद से ये परिवार बारामुड़ी खटाल में रहकर अपने जीवन का गुजारा कर रहे हैं। यहां बसने के बाद लोगों ने अपने बच्चों का स्थानीय स्कूलों में दाखिला कराया और परिवार के भरण-पोषण के लिए रोजगार की व्यवस्था की।
घर उजड़ने के डर से परेशान हैं परिवार
बारामुड़ी खटाल में रहने वाले करीब 200 परिवारों के सामने घर छिनने का खतरा खड़ा हो गया था। लंबे समय से यहां रह रहे इन परिवारों के लिए घर खाली करने की आशंका चिंता का विषय बनी हुई है।
ऐसे में झारखंड राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के हस्तक्षेप को प्रभावित परिवारों के लिए अहम माना जा रहा है। आयोग के निर्देश के बाद परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
आयोग के निर्देश के बाद आगे की कार्रवाई पर नजर
इस पूरे मामले में अब जिला प्रशासन के अगले कदम पर नजर रहेगी। प्रभावित परिवारों को उम्मीद है कि आयोग के हस्तक्षेप से उन्हें राहत मिलेगी और उनके आवास सुरक्षित रह सकेंगे।
Bharat Superfast News: धनबाद के बारामुड़ी खटाल में रह रहे करीब 200 परिवारों के आवास का मामला अब महत्वपूर्ण हो गया है। आयोग के निर्देश के बाद प्रभावित परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है।
