ढाका: बांग्लादेश में हुई चुनावी हिंसा में 4 लोगों की जान चली गई और एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए. ये घटना उस वक्त घटी, जब गोपालगंज में एनसीपी की रैली के दौरान अवामी लीग समर्थकों के साथ हिंसक झड़प हो गई. इस झड़प के बीच पुलिस फायरिंग में 4 लोगों की मौत हो गई और कई लोग जख्मी हो गए. इस बाद वहां पर कर्फ्यू लगा दिया गया है. स्थिति तनावपूर्ण हो गई है.
द डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) की एक रैली को लेकर उपजे तनाव के बाद, बुधवार को गोपालगंज में पुलिस और अवामी लीग (एएल) समर्थकों के बीच झड़प हुई. इस हिंसक झड़पों में चार लोगों की मौत हो गई और दर्जनों घायल हो गए.
गौर करें तो गोपालगंज शहर के पौरा पार्क में पूर्व-निर्धारित एनसीपी रैली के बाद हिंसा भड़क उठी. इस रैली की अवामी लीग के समर्थकों ने विरोध किया. बता दें कि हाल ही में सरकार ने अवामी लीग की सभी राजनीतिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया था. इसी के बाद स्थिति को नियंत्रण करने के लिए पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी.
द डेली स्टार के मुताबिक, बुधवार तड़के सैकड़ों एएल कार्यकर्ताओं ने उलपुर इलाके में गोपालगंज-टेकरहाट मार्ग पर पेड़ गिराकर जाम लगा दिया. प्रदर्शनकारियों ने एनसीपी रैली स्थल पर धावा बोलने से पहले एक सरकारी वाहन में आग लगा दी और एक अन्य वाहन में तोड़फोड़ की.
एनसीपी नेताओं के रैली से चले जाने और चौरंगी के पास अवामी लीग समर्थकों द्वारा कथित तौर पर हमला किए जाने के बाद झड़पें तेज हो गईं. डेली स्टार ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि जिले के विभिन्न हिस्सों में हुए संघर्ष में चार लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए.
इसके जवाब में, सरकार ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए बुधवार रात 8 बजे से गुरुवार शाम 6 बजे तक कर्फ्यू लगा दिया है. अधिकारियों ने गोपालगंज में चल रही हाई स्कूल, आलिम और हाई स्कूल (व्यावसायिक) की परीक्षाओं को भी स्थगित कर दिया है.
प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया कि पुलिस ने कुछ इलाकों में प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाईं. चौरंगी के एक किराना दुकानदार ने बताया कि उसने दो लोगों को गिरते देखा जब सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए गोलियां चलाईं. डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ितों में से एक, दीप्टो, कथित तौर पर अपनी दुकान जा रहा था, जब उसके पेट में गोली लगी.
खुलना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एनसीपी संयोजक नाहिद इस्लाम ने कहा, “गोपालगंज में अपनी रैली समाप्त करने के बाद, हम मदारीपुर की ओर जा रहे थे, तभी अवामी लीग के हथियारबंद गुंडों ने हमारे काफिले पर हमला कर दिया.”
द डेली स्टार ने उनके हवाले से कहा कि हमले के बावजूद, एनसीपी आज फ़रीदपुर में अपनी रैली आयोजित करने की योजना बना रही है.
जानकारी के मुताबिक एनसीपी की रैली शुरू होने से पहले, 200-300 हथियारबंद लोगों ने कार्यक्रम स्थल पर धावा बोल दिया. बैनर फाड़ दिए और देसी बम विस्फोट किए. इससे पुलिस अधिकारियों को अस्थायी रूप से पीछे हटना पड़ा.
बाद में, नाहिद इस्लाम और सदस्य सचिव अख्तर हुसैन सहित एनसीपी नेता वहां पहुंचे और पुलिस की मदद से हमलावरों को पीछे धकेलने में मदद की.
मुख्य सलाहकार के प्रेस विंग ने एनसीपी सदस्यों पर हमले की कड़ी निंदा की. इसके साथ ही इसे “पूरी तरह से अक्षम्य” बताया और आश्वासन दिया कि ज़िम्मेदार लोगों को सज़ा दी जाएगी. द डेली स्टार के अनुसार, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और जमात-ए-इस्लामी सहित अन्य राजनीतिक दलों ने भी हिंसा की निंदा की.


