बांका में पिछले एक सप्ताह से पड़ रही भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिली है। रविवार को आसमान में बादल छाए रहे और पुरवाई हवा चली। तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। जिलाधिकारी ने स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों के समय में बदलाव किया है। किसान धान की खेती शुरू करने की तैयारी में हैं।
बांका। पिछले सप्ताह भर से आग बरसा रहे आसमान पर बादलों ने घेरा डाल दिया है। रविवार सुबह से ही बादलों के दवाब में सूरजदेव अनमने ढंग से निकले। दोपहर बाद पूरबा हवा सुहानी लगने लगी। इससे लोगों को झुलसाने वाली गर्मी से कुछ राहत मिली।भले अभी सबको मानसून की पहली बारिश का इंतजार है। इसकी शुरुआत भी सोमवार से जिला में हो जाने की उम्मीद है। मौसम बदलते ही रविवार को जिला का अधिकतम तापमान तीन डिग्री तक नीचे गिर गया है। इस दिन जिला में अधिकतम तापमान 37 डिग्री रिकार्ड किया गया। एक दिन पहले यह 40 पहुंच गया था।अधिकतम के साथ न्यूनतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। यह कई दिनों बाद 30 डिग्री से नीचे उतर कर 29 पर पहुंचा है।
मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले तीन से चार दिनों में जिला का उच्चतम तापमान भी 33 डिग्री तक उतर सकता है। इसकी संभावना अगले एक दो दिनों में बारिश होने के कारण व्यक्त की गई है।इधर, गर्मी का जारी कहर देखते हुए जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला रविवार को विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन के समय में परिवर्तन कर दिया है। कोई भी आंगनबाड़ी केंद्र सुबह 10 बजे के बाद संचालित नहीं होगा। बच्चों की 10 बजे तक छुट्टी कर देनी है। इसी तरह आठवीं तक का सभी निजी और सरकारी विद्यालय भी 11 बजे तक ही संचालित हो सकेगा। इ स अवधि के बाद किसी विद्यालय में पठन-पाठन का काम नहीं होगा।
मालूम हो कि जिला का कुछ निजी विद्यालय सोमवार और मंगलवार से खुल रहा है। जिलाधिकारी का यह आदेश 21 जून तक के लिए जारी किया गया है। सभी सरकारी विद्यालय ग्रीष्मावकाश के बाद 23 जून से खुलेंगे।इधर, मौसम का मिजाज बदलते ही धान की खेती शुरु करने का इंतजार कर रहे किसानों में खुशी है। वे धान का बीज खरीदने दुकानों पर पहुंचने लगे हैं।


