Saturday, October 17, 2026

प्रशांत किशोर का दावा- अनुज सिंह को अनंत सिंह का समर्थन, NDA पर भी साधा निशाना

Share

पटना: बिहार में विधान परिषद की स्नातक सीटों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज है। इसी बीच जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने पटना स्नातक सीट से पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार करते हुए बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि अनुज सिंह को कई लोगों का समर्थन मिल रहा है, जिनमें मोकामा विधायक अनंत सिंह भी शामिल हैं। इस दौरान उन्होंने भाजपा और जदयू के नेताओं को लेकर भी बयान दिया और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की भूमिका पर सवाल उठाए।

अनुज सिंह और नीरज कुमार के बीच मुकाबले पर क्या बोले PK?

प्रशांत किशोर ने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह के पक्ष में प्रचार किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि अनुज सिंह और जदयू नेता नीरज कुमार के बीच मुकाबले में अनुज सिंह आगे हैं।

PK के अनुसार, अनुज सिंह को विभिन्न लोगों का समर्थन मिल रहा है और इनमें अनंत सिंह भी शामिल हैं। हालांकि, अनंत सिंह की ओर से अनुज सिंह को समर्थन दिए जाने की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है। इसलिए इसे प्रशांत किशोर के दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

भाजपा-जदयू के नेताओं को लेकर भी किया दावा

प्रशांत किशोर ने कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का जिक्र करते हुए दावा किया कि वहां भाजपा और जदयू से जुड़े कई लोग जन सुराज के उम्मीदवार की मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पटना स्नातक सीट की तरह कोसी में भी उनकी पार्टी के उम्मीदवारों को समर्थन मिल रहा है।

उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे उम्मीदवारों की तुलना करें और सोच-समझकर अपने मताधिकार का इस्तेमाल करें। हालांकि, भाजपा और जदयू के नेताओं द्वारा जन सुराज उम्मीदवारों को समर्थन देने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि रिपोर्ट में नहीं दी गई है।

नीतीश कुमार को लेकर प्रशांत किशोर ने उठाए सवाल

प्रशांत किशोर ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव प्रचार लगभग समाप्त होने को है, लेकिन उन्होंने NDA के किसी उम्मीदवार के समर्थन में सार्वजनिक रूप से बयान नहीं दिया है।

PK ने पहले भी कहा था कि यदि नीतीश कुमार जदयू उम्मीदवार नीरज कुमार के समर्थन में एक मिनट का वीडियो जारी कर दें, तो वह अनुज सिंह की उम्मीदवारी वापस लेने को तैयार हैं। यह बयान प्रशांत किशोर की ओर से रखी गई राजनीतिक चुनौती के रूप में सामने आया है।

SIR और चुनाव आयोग की कार्यशैली पर भी टिप्पणी

प्रशांत किशोर ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग की कार्यशैली को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यदि संवैधानिक संस्थाएं अपनी जिम्मेदारी निष्पक्षता और ईमानदारी से नहीं निभाएंगी, तो विरोध-प्रदर्शन होना स्वाभाविक है।

उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में चुनाव आयोग की कार्यशैली पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि चुनाव संचालन के दौरान ऐसा प्रतीत होता है कि आयोग सत्तारूढ़ भाजपा की मदद कर रहा है।

प्रशांत किशोर ने शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव की तारीख को लेकर भी सवाल उठाया। उनका आरोप था कि रविवार के बजाय शुक्रवार को चुनाव कराने से मुस्लिम मतदाताओं की भागीदारी प्रभावित हो सकती है। हालांकि, इस दावे के समर्थन में मतदान संबंधी आंकड़े या चुनाव आयोग का पक्ष उपलब्ध खबर में शामिल नहीं है।

चुनावी बयानबाजी के बीच बढ़ी राजनीतिक हलचल

बिहार में विधान परिषद चुनाव को लेकर विभिन्न दलों के नेता अपने-अपने उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं। इस बीच प्रशांत किशोर के बयानों ने चुनावी चर्चा को और तेज कर दिया है।

अनंत सिंह के समर्थन, भाजपा-जदयू के नेताओं की कथित भूमिका और चुनाव आयोग की कार्यशैली को लेकर किए गए दावों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।

BHARATSUPERFASTNEWS

Read more

Local News