हाजीपुर, 8 अक्टूबर 2026: बिहार के वैशाली जिले के रहने वाले और टोक्यो पैरालंपिक के स्वर्ण पदक विजेता पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी प्रमोद भगत को एक और बड़ी जिम्मेदारी मिली है। जापान के नागोया में होने वाले एशियन पैरा गेम्स के उद्घाटन समारोह में वह भारतीय दल के ध्वजवाहक होंगे।
प्रमोद भगत के साथ पैरा टेबल टेनिस की स्टार खिलाड़ी भाविना पटेल भी संयुक्त रूप से भारतीय तिरंगा थामेंगी। दोनों खिलाड़ी उद्घाटन समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
18 से 24 अक्टूबर तक होंगे खेल
एशियन पैरा गेम्स का आयोजन 18 से 24 अक्टूबर तक जापान के नागोया में किया जाएगा। उद्घाटन समारोह के लिए प्रमोद भगत और भाविना पटेल को ध्वजवाहक चुना गया है।
वैशाली के हाजीपुर से ताल्लुक रखने वाले प्रमोद भगत ने अंतरराष्ट्रीय पैरा बैडमिंटन में भारत को कई बड़ी उपलब्धियां दिलाई हैं। ऐसे में उन्हें भारतीय दल की अगुवाई की जिम्मेदारी मिलना बिहार के लिए भी खास उपलब्धि मानी जा रही है।
पैरालंपिक में जीत चुके हैं गोल्ड
प्रमोद भगत ने टोक्यो पैरालंपिक में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी पहचान दुनिया के शीर्ष पैरा बैडमिंटन खिलाड़ियों में बनाई। इसके अलावा वह जकार्ता पैरा एशियाई खेलों और फाजा बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पदक हासिल कर चुके हैं।
उनके खेल योगदान को देखते हुए उन्हें अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।
पैरा बैडमिंटन का बढ़ा है दायरा
पैरा बैडमिंटन शारीरिक अक्षमता वाले खिलाड़ियों के लिए तैयार किया गया बैडमिंटन का प्रारूप है। इसे बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन संचालित करता है। वर्ष 2020 के टोक्यो पैरालंपिक में इसे पहली बार पैरालंपिक खेल के तौर पर शामिल किया गया।
इसमें खिलाड़ियों की शारीरिक स्थिति के आधार पर अलग-अलग वर्ग बनाए गए हैं, ताकि प्रतियोगिता में समान परिस्थितियों के अनुरूप मुकाबले कराए जा सकें।
छह प्रमुख खेल वर्ग
पैरा बैडमिंटन में खिलाड़ियों को मुख्य रूप से छह वर्गों में बांटा जाता है। इनमें दो व्हीलचेयर वर्ग और चार स्टैंडिंग वर्ग शामिल हैं।
- WH1 और WH2: व्हीलचेयर वर्ग के खिलाड़ी।
- SL3 और SL4: निचले अंगों से संबंधित शारीरिक अक्षमता वाले खिलाड़ी।
- SU5: ऊपरी अंगों से संबंधित अक्षमता वाले खिलाड़ी।
- SH6: छोटे कद वाले खिलाड़ी।
खिलाड़ी अपनी श्रेणी के अनुसार एकल, युगल और मिश्रित युगल मुकाबलों में हिस्सा लेते हैं।
बिहार में खुशी का माहौल
प्रमोद भगत को एशियन पैरा गेम्स के उद्घाटन समारोह में भारत का ध्वजवाहक बनाए जाने से बिहार के खेल जगत में खुशी है। टोक्यो पैरालंपिक के स्वर्ण पदक विजेता की इस नई भूमिका को उनके लंबे अंतरराष्ट्रीय खेल सफर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है।
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