Sunday, June 14, 2026

प्रज्ञानंदा इस वर्ष क्लासिकल बाजी में नॉर्वे के कार्लसन को दो बार हराने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं.

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भारत के युवा ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानंदा का नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन जारी है. उन्होंने टूर्नामेंट में दूसरी बार दुनिया के नंबर वन खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन हराया. इस जीत के साथ प्रज्ञानंदा ने प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में पहले भारतीय चैंपियन बनने की अपनी दावेदारी को और ज्यादा मजबूत किया है.

प्रज्ञानंदा तीसरे स्थान पर
प्रज्ञानंदा इस वर्ष क्लासिकल बाजी में नॉर्वे के कार्लसन को दो बार हराने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं. इस एलीट डबल राउंड-रॉबिन प्रतियोगिता में उन्होंने पहले भी कार्लसन को क्लासिकल बाजी में हराया था. इस जीत से 20 वर्षीय प्रज्ञानंदा के 12 अंक हो गए और वह टूर्नामेंट में तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं. प्रज्ञानंदा नौवें दौर में काले मोहरों से हमवतन गुकेश के खिलाफ खेलेंगे.

वहीं दूसरी तरफ इस हार से कार्लसन की आठवीं बार नॉर्वे शतरंज खिताब जीतने की उम्मीदों को करारा झटका लगा है. अब केवल दो राउंड का खेल बचा हुआ है और ऐसे में मौजूदा चैंपियन कार्लसन के लिए खिताब बचाना आसान नहीं होगा. कार्लसन का यह अभियान अप्रत्याशित रूप से उथल-पुथल भरा रहा है, जिसमें उन्हें चार बार क्लासिकल बाजी में हार का सामना करना पड़ा.

प्रज्ञानंदा ने क्या कहा?
काले मोहरों से खेल रहे प्रज्ञाननंदा ने मैच के बाद कहा, ‘मैग्नस के खिलाफ जीत के बारे में सोचने से ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि मुझे यह जीत हासिल करनी है. निश्चित तौर पर मैग्नस के खिलाफ जीत हासिल करना शानदार है, लेकिन मुझे लगता है कि टूर्नामेंट के इस चरण में कोई भी मैच जीतना अच्छा है.’

अंक तालिका में पहले स्थान पर कौन?
इस बीच अंक तालिका में शीर्ष पर चल रहे अमेरिकी ग्रैंडमास्टर वेस्ली सो ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए आर्मागेडन टाई-ब्रेक में जर्मनी के विंसेंट कीमर को हराकर अपने अंकों की संख्या 14 पर पहुंचा दी है. फ्रांस के फिरोजा ने क्लासिकल मुकाबले में गुकेश को हराकर 13 अंकों के साथ दूसरा स्थान हासिल कर लिया.

डी गुकेश की खिताब की उम्मीदें खत्म
विश्व चैंपियन डी गुकेश की खिताब जीतने की उम्मीदें आठवें दौर में फ्रांसीसी ग्रैंडमास्टर अलीरेजा फिरोजा से एक और करारी हार के बाद खत्म हो गईं. वह आठ अंकों के साथ तालिका में सबसे निचले पायदान पर आ गए हैं, और वह अपने अगले दो मैच क्लासिकल में जीतने पर भी 14 अंक तक ही पहुंच सकते हैं. इस तरह से गुकेश की नॉर्वे शतरंज खिताब जीतने की उम्मीदें लगभग खत्म हो गईं.

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