रांची: भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 35वीं पुण्यतिथि आज श्रद्धा के साथ मनाई गई. 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबुदूर में आतंकी हमले में उनकी हत्या कर दी गई थी.
झारखंड कांग्रेस कार्यालय में श्रद्धांजलि सभा
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आज पूर्वाह्न 11:30 बजे जेपी चौधरी सभागार में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया. कार्यकर्ताओं और कुछ पदाधिकारियों ने राजीव गांधी की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित की और “राजीव गांधी अमर रहे” के नारे लगाए.
बड़े नेता-मंत्रियों की अनुपस्थिति
सभा में कांग्रेस के बड़े नेताओं, प्रदेश अध्यक्ष, विधायकों और मंत्रियों की अनुपस्थिति चर्चा का विषय रही. जानकारी के अनुसार कांग्रेस कोटे के चार मंत्रियों में से दो मंत्री रांची में ही मौजूद थे और उनका विभागीय कार्यक्रम भी चल रहा था, लेकिन वे श्रद्धांजलि सभा में शामिल नहीं हुए.
राजीव गांधी की दूरदर्शिता पर बोले नेता
सभा के बाद कांग्रेस प्रवक्ता एवं वरिष्ठ नेता जगदीश साहू ने कहा, “आधुनिक भारत के निर्माण की नींव स्व. राजीव गांधी ने ही रखी थी. उन्होंने टेक्नोलॉजी और सूचना क्रांति का सपना देखा. पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत कर सत्ता का विकेंद्रीकरण किया, जिससे गांव-गांव तक विकास पहुंचा.”
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कोऑर्डिनेशन कमिटी के सदस्य सुनील सिंह ने कहा कि राजीव गांधी की सोच आज विकसित भारत के रूप में साकार हो रही है. उन्होंने रांची में मौजूद विधायकों और मंत्रियों से पार्टी कार्यालय की सभा में शामिल होने की अपेक्षा जताई.
प्रदेश अध्यक्ष बोकारो रवाना
प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश राजीव गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद बोकारो रवाना हो गए, जहां उन्होंने राजीव गांधी की प्रतिमा का अनावरण किया. सुनील सिंह ने माना कि रांची में मौजूद वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं और मंत्रियों को सभा में अवश्य शामिल होना चाहिए था.
इन नेताओं-कार्यकर्ताओं ने दी श्रद्धांजलि
ज्योति सिंह मथारू, नरेंद्र कुमार गोपी, अनिता टोप्पो, नेली नाथन, अमरेंद्र सिंह, आनंद, केके गिरी. सभा के बाद प्रदेश महासचिव आलोक दुबे, गौ सेवा आयोग अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद, उपाध्यक्ष अभिलाष साहू, लाल किशोर नाथ शाहदेव, राकेश सिन्हा सहित कई नेता-कार्यकर्ता पार्टी कार्यालय पहुंचे और दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की.


