Friday, October 23, 2026

पीएम मोदी का कांग्रेस पर तीखा हमला, राहुल गांधी पर कसा तंज; बोले- एक साल में इतने रॉकेट लॉन्च नहीं होते.

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस और विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जब दुनिया नई वैश्विक व्यवस्था की तलाश कर रही है, तब भारत में कुछ लोग अव्यवस्था का सपना देख रहे हैं। एनडीटीवी वर्ल्ड समिट को संबोधित करते हुए उन्होंने कांग्रेस के नेतृत्व और देश की उपलब्धियों पर पार्टी के रुख को लेकर भी तीखी टिप्पणी की।

प्रधानमंत्री ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का नाम लेते हुए कहा कि भारत के अंतरिक्ष केंद्र श्रीहरिकोटा से एक साल में जितने रॉकेट लॉन्च नहीं होते, उससे अधिक बार कांग्रेस अपने नेता को लॉन्च करने की नाकाम कोशिश करती है। उनका यह बयान कांग्रेस के नेतृत्व पर राजनीतिक कटाक्ष के रूप में सामने आया।

परिवारवाद को लेकर कांग्रेस पर निशाना

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर परिवार को राजनीतिक आलोचना से बचाने के लिए देश की उपलब्धियों पर सवाल उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने अंगूर खट्टे होने की कहावत का इस्तेमाल करते हुए पार्टी के रवैये पर तंज कसा।

पीएम मोदी ने यह भी कहा कि परिवार अब कांग्रेस के लिए बोझ बन गया है। उनके बयान का केंद्र कांग्रेस की नेतृत्व व्यवस्था और परिवारवाद की राजनीति रही।

कांग्रेस की राजनीतिक भूमिका पर भी उठाए सवाल

प्रधानमंत्री ने किसी व्यक्ति का नाम लिए बिना कहा कि व्यवस्था में सुधार के उद्देश्य से शुरू हुए वास्तविक नागरिक आंदोलनों को कांग्रेस ने नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने पार्टी पर ऐसे तत्वों के प्रभाव में आने का आरोप भी लगाया, जिन्हें उन्होंने ‘ब्रेन नक्सली’ कहा।

मोदी ने दावा किया कि इस प्रभाव ने कांग्रेस की स्वतंत्र रूप से सोचने की क्षमता को कमजोर किया है। ये टिप्पणियां प्रधानमंत्री की ओर से कांग्रेस की राजनीतिक दिशा और उसके कामकाज पर लगाए गए आरोपों के तौर पर देखी जा सकती हैं।

मतदाता सूची के संशोधन को लेकर विपक्ष का विरोध

दूसरी ओर, विपक्षी दलों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision—SIR) की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, विपक्ष की ओर से पिछले दो सप्ताह में दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में विरोध-प्रदर्शन किए गए हैं।

विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों और मांगों से जुड़े तथ्यों का आकलन संबंधित आधिकारिक जानकारी तथा निर्वाचन आयोग के जवाब के आधार पर किया जाना चाहिए।

राजनीतिक बयानबाजी के बीच बढ़ी बहस

प्रधानमंत्री के संबोधन और विपक्ष के विरोध-प्रदर्शनों के बीच देश में चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची के पुनरीक्षण और राजनीतिक दलों की भूमिका को लेकर बहस जारी है। जहां प्रधानमंत्री ने कांग्रेस के नेतृत्व और राजनीतिक रवैये की आलोचना की, वहीं विपक्ष मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है।

इन मुद्दों पर अंतिम निष्कर्ष निकालने के लिए राजनीतिक बयानों के साथ-साथ संबंधित तथ्यों और आधिकारिक प्रतिक्रियाओं को भी ध्यान में रखना जरूरी है।

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