पाकुड़: जिले के ग्रामीण इलाकों में महिलाओं को रोजगार से जोड़ने और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी कड़ी में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाली कई महिलाएं ब्यूटीशियन का प्रशिक्षण ले रही हैं। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उनका लक्ष्य अपने गांव में ही ब्यूटी पार्लर शुरू कर आय का साधन तैयार करना है।
सौंदर्य से जुड़े कई कामों की दी जा रही ट्रेनिंग
प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को त्वचा की देखभाल, मेकअप और हेयर स्टाइलिंग के साथ-साथ कई तरह की ब्यूटी सर्विस का व्यावहारिक ज्ञान दिया जा रहा है। इसमें हेयर कटिंग, स्पा, थ्रेडिंग, ब्लीच, वैक्सिंग, मेहंदी, ब्राइडल मेकअप, पेडिक्योर और मैनिक्योर जैसे कार्य शामिल हैं।
महिलाओं के मुताबिक, समूह से जुड़ने के बाद उन्हें ब्यूटीशियन प्रशिक्षण के बारे में जानकारी मिली। उनका मानना है कि यह हुनर सीखने के बाद वे अपने स्तर पर काम शुरू कर सकेंगी।
गांव में पार्लर खुलने से स्थानीय महिलाओं को भी सुविधा
प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं महिलाओं की योजना अपने गांव में ही ब्यूटी पार्लर संचालित करने की है। इससे होने वाली आमदनी का इस्तेमाल वे परिवार की जरूरतों को पूरा करने और अपनी आर्थिक स्थिति बेहतर करने में करना चाहती हैं।
महिलाओं का कहना है कि अभी गांव की कई महिलाओं को शादी, त्योहार, जन्मदिन या अन्य कार्यक्रमों के लिए मेकअप और दूसरी सौंदर्य सेवाओं के लिए शहर जाना पड़ता है। गांव में पार्लर उपलब्ध होने पर उन्हें स्थानीय स्तर पर ही ये सुविधाएं मिल सकेंगी और अतिरिक्त यात्रा खर्च व समय की बचत भी होगी।
प्रशिक्षण के साथ आर्थिक सहायता की भी योजना
ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षण देने का काम झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) और भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) की ओर से किया जा रहा है।
प्रशिक्षण के बाद इच्छुक महिलाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की योजना भी है। संस्थान की ओर से बताया गया कि जरूरत के आधार पर महिलाओं को ऋण से जोड़कर स्वरोजगार शुरू करने में मदद की जाती है।
मुद्रा ऋण और पीएमईजीपी से जोड़ने की तैयारी
RSETI के वरिष्ठ संकाय अमित वर्द्धन के अनुसार, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से अलग-अलग प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। प्रशिक्षण के बाद उन्हें व्यवसाय शुरू करने के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता से जोड़ने का प्रयास किया जाता है।
उन्होंने बताया कि ब्यूटी पार्लर शुरू करने की इच्छुक महिलाओं को मुद्रा ऋण और पीएमईजीपी जैसी योजनाओं से जोड़ने की दिशा में भी काम किया जाएगा। इससे प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं को अपने गांव में ही स्वरोजगार शुरू करने का अवसर मिल सकता है।
