पलामू: जिला के सरकारी स्कूल और कई सरकारी भवनों को केंदु पत्ता के कारोबारी ने गोदाम बना दिया है. कारोबारी गर्मी छुट्टी का फायदा उठा रहे हैं और सरकारी स्कूलों में अपना गोदाम बना रहे हैं.
दरअसल, अगले कुछ दिनों में झारखंड के इलाके में मानसून दस्तक देने वाली है. कारोबारी बारिश से केंदु पत्ता को बचाने के लिए भवनों का इस्तेमाल करते है, जंगली इलाकों में अधिकतर सरकारी भवनों का कारोबारी इस्तेमाल करते है.
पलामू के कई इलाकों से तस्वीर सामने आ रही है. जिसमें सरकारी स्कूलों में केंदु पत्ता को रखा गया है. पलामू के चैनपुर पांकी मनातू के साथ-साथ हुसैनाबाद के महूदंड में इलाके में सरकारी स्कूल के भवनों का इस्तेमाल किया जा रहा है. पहली तस्वीर पलामू के रामगढ़ प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय छितरा में से आई. जहां सरकारी स्कूल को केंदु पत्ता का के कारोबारियों ने गोदाम में तब्दील कर दिया था. केंदु पत्ता के कारोबारी कई स्कूलों के प्रिंसिपल के जानकारी के बिना स्कूल में केन्दु पत्ता को रख रहे है. कारोबारी गर्मी छुट्टी का फायदा उठा रहे हैं.
रामगढ़ प्रखंड में एक मामला प्रकाश में सामने आया था तुरंत ही केंदु पत्ता को स्कूल से हटवा दिया गया. इस तरह की जानकारी सामने निकल कर आती है तो संबंधित स्कूल के प्रिंसिपल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और उसने शोकॉज भी पूछा जाएगा. -संदीप कुमार, डीएसई, पलामू.
दबंगई का सहारा लेते हैं कारोबारी!
केंदु पत्ता के कारोबारी दबंगई का सहारा लेकर सरकारी भवन या स्कूलों में गोदाम बना लेते है. कई इलाकों में सरकारी स्कूल के मैदाने को भी कारोबारी खलिहान बना लेते हैं. पलामू के जिन इलाकों में केंदु पत्ता की तुड़ाई होती है, यह सभी इलाके अतिनक्सल प्रभावित है. कुछ वर्ष पहले तक नक्सलियों के सहयोग से कारोबारी सरकारी भवनों का इस्तेमाल करते थे.
छितरा उत्क्रमित मिडिल स्कूल के प्रिंसिपल विष्णुदेव सिंह ने बताया कि उनके बिना जानकारी के केन्दु पत्ता रखा गया था. जैसे ही जानकारी मिली हटा दिया गया. रामगढ़ के ग्रामीण गौतम सिंह ने बताया कि ठेकेदार के द्वारा स्कूलों में केंदु पता का रखा जा रहा है. मजदूरों को प्रतिबोरा 200 रुपए दिया जा रहा है.
अप्रैल से मानसून के आगमन तक होता है बीड़ी पत्ता का कारोबार
अप्रैल के महीने से मानसून के आगमन तक बीड़ी पत्ता का कारोबार होता है. अप्रैल महीने में केंदु पता के नीलामी की जाती है जबकि मई के महीने में इसकी तुड़ाई की जाती है. तुड़ाई के बाद पत्तो को खलिहान में सुखाया जाता है. पत्तों को सुखाने के बाद बोरा में पैक किया जाता है. बाद में इसे एक सुरक्षित ठिकाने पर डंप किया जाता है या गोदाम में रखा जाता है. जिस दौरान यह कारोबार होता है उसे दौरान सरकारी स्कूलों की गर्मी छुट्टी होती है इसी का फायदा कारोबारी उठाते है. कारोबारी आसानी से स्कूल के मैदान को खलिहान बना लेते है और भवनों को गोदाम बना लेते है.


