बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है. शुक्रवार सुबह से राज्य के कई हिस्सों में रिमझिम बारिश हो रही है. मौसम विभाग ने पूरे प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए आकाशीय बिजली को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है. बारिश से कई इलाकों में जलजमाव, ककोलत जलप्रपात में बाढ़ जैसी स्थिति और गया में जानमाल का नुकसान सामने आया है.
बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह से सक्रिय हो चुका है. शुक्रवार की सुबह से रिमझिम बारिश का सिलसिला जारी है. मौसम विभाग ने राज्यभर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. खासतौर पर आकाशीय बिजली को लेकर लोगों को सावधान रहने की हिदायत दी गई है. मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले 48 घंटे तक राज्य में रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी. पटना, गया, औरंगाबाद, नवादा जैसे दक्षिणी जिलों में भारी बारिश की आशंका है.
ककोलत वाटरफॉल में बाढ़, गया में दो की मौत
नवादा जिले के गोविंदपुर स्थित प्रसिद्ध ककोलत जलप्रपात में गुरुवार को अचानक पानी का स्तर बढ़ गया. प्रशासन ने 20 जून तक पर्यटकों की एंट्री पर रोक लगा दी है. बुधवार की रात तीन बार जलप्रपात में बाढ़ जैसे हालात बने. झारखंड में भारी बारिश के कारण जलस्तर में तेज़ी आई है. वहीं गया में भारी बारिश के बाद फल्गु नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया. जिससे 20 लोग बुरी तरह से फंस गए. स्थानीय ग्रामीणों ने साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर 18 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, लेकिन दो लोगों की मौत हो गई.
कई जिलों में बारिश और जलजमाव
गुरुवार को पटना, औरंगाबाद, जहानाबाद, बांका, छपरा, जमुई और मधेपुरा में अलग-अलग समय पर बारिश हुई. दोपहर बाद किशनगंज, शेखपुरा और अररिया में भी तेज बारिश हुई, जिससे कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गई है. मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि अगले 48 घंटे बेहद सतर्क रहें. खासकर खुले इलाकों, जलप्रपातों और नदी किनारे जाने से परहेज करें. आपदा प्रबंधन टीमों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है


