संपत्ति ट्रांसफर के पहले यह सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा कि जिस संपत्ति की बिक्री हो रही है, उसपर कोई बकाया नहीं है. उस संपत्ति पर कर या ठोस कचरा प्रबंधन शुल्क बकाया नहीं है.
पटना नगर निगम क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए बड़ी खबर है. आप नगर निगम क्षेत्र में किसी भी जमीन,फ्लैट, मकान सहित कोई भी संपति की खरीद बिक्री करना चाह रहे तो यह खबर आपके लिए काम की है. पटना नगर निगम संपत्तियों की खरीद-बिक्री को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है.
बिना नगर निगम से एनओसी लिए कोई भी खरीद बिक्री नहीं हो पायेगी. इसके साथ संपति कर का भुगतान नहीं करने वाले लोगों पर कार्रवाई करने की भी तैयारी है. नगर निगम क्षेत्र में कुल 491 बड़े बकायेदार हैं, जिन्होंने करोड़ों का प्रापर्टी टैक्स अभी तक नहीं चुकाया है. ऐसे लोगों पर एक अप्रैल के बाद निगम की ओर से बड़ी कार्रवाई होगी.
नगर निगम के नए आदेश के तहत नगर निगम क्षेत्र में मौजूद सभी प्रकार की संपत्तियों, जैसे फ्लैट, भवन, जमीन, मकान सहित दूसरे समेत संपतियों की खरीद-बिक्री के लिए नगर निगम की अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लेना आवश्यक होगा. संपत्ति ट्रांसफर के पहले यह सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा कि जिस संपत्ति की बिक्री हो रही है, उसपर कोई बकाया नहीं है. उस संपत्ति पर कर या ठोस कचरा प्रबंधन शुल्क बकाया नहीं है.
नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि अक्सर संपत्ति धारक अपनी संपत्ति का रजिस्ट्रेशन कराते समय बकाया राजस्व शुल्क का भुगतान नहीं करते हैं. इस वजह से संपत्ति के नए मालिक पर पुराने बकाया कर का भार आ जाता है. इस समस्या को रोकने के लिए नगर निगम ने नियम सख्त कर दिए हैं. अब किसी भी संपत्ति की खरीद-बिक्री तभी संभव होगी, जब विक्रेता नगर निगम से एनओसी प्राप्त कर लेगा.
ये हैं शहर के बड़े बकायेदार
| पाटलिपुत्र यूनिवर्सिटी का एएन कॉलेज | 12 करोड़ 26 लाख 86 हजार रुपए |
| अजीमाबाद अंचल | बड़े बकायेदारों की संख्या 99 है |
| बांकीपुर अंचल | बड़े बकायेदारों की संख्या 90 |
| कंकड़बाग अंचल | बड़े बकायेदारों की संख्या 89 |
| पाटलिपुत्र अंचल | बड़े बकायेदारों की संख्या 86 |
| नूतन राजधानी अंचल | बकायेदारों की संख्या 73 |
| पटना सिटी अंचल | बकायेदारों की संख्या 49 |


