Wednesday, October 14, 2026

पटना तारामंडल की 1.32 करोड़ की परियोजना में देरी, 10 महीने में लगे सिर्फ दो साइंस मॉडल.

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पटना, 14 अक्टूबर 2026: राजधानी के इंदिरा गांधी विज्ञान परिसर यानी पटना तारामंडल में विज्ञान और खगोल विज्ञान को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई एस्ट्रो पार्क और ऑब्जर्वेटरी डोम परियोजना की रफ्तार धीमी है। जनवरी 2026 में शुरू हुए निर्माण कार्य को करीब 10 महीने बीत चुके हैं, लेकिन एस्ट्रो पार्क में अब तक केवल दो साइंस मॉडल लगाए गए हैं। बाकी मॉडल और छत पर बनने वाला ऑब्जर्वेटरी डोम अभी अधूरे हैं।

करीब 1.32 करोड़ रुपये की इस परियोजना का उद्देश्य विद्यार्थियों और विज्ञान प्रेमियों को वैज्ञानिक सिद्धांतों को व्यावहारिक रूप से समझने और खगोलीय पिंडों का अवलोकन करने का अवसर देना है। हालांकि, निर्माण कार्य पूरा नहीं होने के कारण दर्शक फिलहाल इन नई सुविधाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।

एस्ट्रो पार्क और ऑब्जर्वेटरी डोम पर खर्च होंगे 1.32 करोड़ रुपये

परियोजना के तहत एस्ट्रो पार्क के निर्माण पर 32.56 लाख रुपये और ऑब्जर्वेटरी डोम पर 99.71 लाख रुपये खर्च किए जाने हैं। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी भवन निर्माण विभाग को दी गई है।

एस्ट्रो पार्क में सन डायल थीम पर कुल 11 इंटरैक्टिव साइंस मॉडल लगाए जाने हैं। इनके माध्यम से विद्यार्थी सूर्यघड़ी, पृथ्वी की घूर्णन गति और समय की गणना जैसे वैज्ञानिक सिद्धांतों को आसानी से समझ सकेंगे।

अब तक पार्क में इंटरैक्टिव और वर्टिकल सन डायल मॉडल लगाए गए हैं। बाकी नौ मॉडल लगाने से पहले उनसे संबंधित सिविल निर्माण कार्य पूरा करना जरूरी है। फिलहाल निर्माण जारी रहने के कारण लगाए गए दोनों मॉडल भी आम दर्शकों की पहुंच से बाहर बताए जा रहे हैं।

छत पर बनेगा ऑब्जर्वेटरी डोम, टेलीस्कोप से दिखेंगे ग्रह

परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा तारामंडल की छत पर बनने वाला ऑब्जर्वेटरी डोम है। इसके लिए नेशनल काउंसिल ऑफ साइंस म्यूजियम (NCSM) की ओर से करीब एक करोड़ रुपये की लागत से जाइंट टेलीस्कोप लगाए जाने की योजना भी बताई गई है।

प्रस्तावित टेलीस्कोप में उच्च क्षमता वाले लेंस और ट्रैकिंग सिस्टम की सुविधा होगी। इसके जरिए सूर्य, चंद्रमा और मंगल, बृहस्पति तथा शनि जैसे खगोलीय पिंडों का अवलोकन किया जा सकेगा।

इस सुविधा के शुरू होने से विद्यार्थियों को खगोल विज्ञान को किताबों से आगे बढ़कर समझने का अवसर मिल सकता है। लेकिन ऑब्जर्वेटरी डोम के लिए जरूरी सिविल निर्माण कार्य शुरू नहीं होने के कारण टेलीस्कोप लगाने की प्रक्रिया भी आगे नहीं बढ़ सकी है।

हर दिन बड़ी संख्या में पहुंचते हैं दर्शक

पटना तारामंडल विद्यार्थियों और विज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों के लिए प्रमुख आकर्षण है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यहां प्रतिदिन करीब 1,500 या उससे अधिक दर्शक पहुंचते हैं। परिसर में रोजाना आठ शो आयोजित किए जाते हैं। वीआर और दूसरे शो भी दर्शकों के बीच लोकप्रिय हैं।

एस्ट्रो पार्क और ऑब्जर्वेटरी डोम तैयार होने के बाद दर्शकों को विज्ञान समझने के नए अवसर मिलेंगे। खासकर स्कूली विद्यार्थियों के लिए इंटरैक्टिव मॉडल और टेलीस्कोप के जरिए सीखना अधिक रोचक हो सकता है।

फिलहाल परियोजना में देरी के कारण इन सुविधाओं का इंतजार बना हुआ है।

सिविल कार्य पूरा होने के बाद आगे बढ़ेगा निर्माण

तारामंडल के नोडल अधिकारी शिवशंकर सहाय के अनुसार, भवन निर्माण विभाग की ओर से काम कराया जा रहा है और निर्माण में तेजी लाने के लिए कई बार कहा गया है। उन्होंने बताया कि एस्ट्रो पार्क के बाकी नौ मॉडलों से संबंधित सिविल कार्य पूरा होने के बाद ही ऑब्जर्वेटरी डोम का निर्माण आगे बढ़ाया जाएगा।

हालांकि, परियोजना पूरी होने और नई सुविधाएं आम दर्शकों के लिए शुरू किए जाने की निश्चित समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं है। ऐसे में विद्यार्थियों और विज्ञान प्रेमियों को एस्ट्रो पार्क तथा ऑब्जर्वेटरी डोम के पूरी तरह तैयार होने का इंतजार करना पड़ेगा।

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