Friday, June 26, 2026

पछुआ के कारण प्रदेश का मौसम पांच दिनों तक शुष्क बने रहने की संभावना है

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बिहार में ठंड बढ़ने की आशंका है, जिससे ठिठुरन महसूस होगी। मौसम विभाग ने बच्चों और बुजुर्गों का खास ख्याल रखने की सलाह दी है। ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े पहनने और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।

पटना। पछुआ के कारण प्रदेश का मौसम पांच दिनों तक शुष्क बने रहने की संभावना है। तीन दिनों के दौरान एक या दो स्थानों पर हल्के से मध्यम स्तर का कोहरा छाया रहेगा। 72 घंटों के दौरान उत्तर पश्चिम भागों में न्यूनतम तापमान में एक से तीन डिग्री की गिरावट का पूर्वानुमान  है।

न्यूनतम तापमान में गिरावट आने के साथ रात्रि में ठंड में वृद्धि की संभव है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार प्रदेश में मजबूत पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से आने वाले दिनों में ठंड बढ़ सकती है।

बंगाल की खाड़ी में 48 घंटों के दौरान साइक्लोनिक तूफान में तेजी आने की संभावना है। राजधानी सहित प्रदेश के ज्यादातर शहरों में न्यूनतम तापमान में गिरावट आने से ठंड में वृद्धि की संभावना है।

सोमवार को पटना का अधिकतम तापमान 26.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि, 28.4 डिग्री सेल्सियस के साथ किशनगंज में सर्वाधिक अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।

प्रमुख शहरों का तापमान

शहरअधिकतम (डिग्री सेल्सियस)न्यूनतम (डिग्री सेल्सियस)
पटना26.016.0
गया25.613.6
भागलपुर26.615.1
मुजफ्फरपुर24.815.7

ठंड में छोटे बच्चों व बुजुर्गों की सेहत को लेकर सतर्क रहें अभिभावक

सर्दी बढ़ने के साथ बच्चों से लेकर बड़े लोगों में स्वास्थ्य की परेशानी सामने आने लगी है। मौसम की चपेट में आए कई लोग अपनी परेशानी लिए चिकित्सक को दिखाने के लिए आ रहे हैं। आउटडोर में सामान्य रोगी की संख्या में कमी आयी है। वहीं ठंड के प्रभाव से ग्रसित बच्चों की संख्या में इजाफा हो रहा है।

ठंड में खासकर बच्चे से लेकर बुजुर्गों में मौसम से संबंधित परेशानी आ सकती है। अस्पताल में अभी ठंड से प्रभावित रोगी की संख्या में इजाफा हुआ है। चिकित्सा प्रभारी डाक्टर सुधीर कुमार बताते हैं की ठंड के मौसम में बच्चों से लेकर बड़े लोगों में सेहत का ध्यान रखना जरूरी है।ॉ

इस मौसम में असावधानी से ठंड की परेशानी बढ़ सकती है। इसलिए सावधानी बनाए रखने की जरूरत है। चिकित्सक बताते हैं की छोटे बच्चों को ठंड में बगैर गर्म कपड़ा पहनाएं बाहर नहीं निकालना चाहिए।

रात्रि सोने के समय बच्चों के बदन पर उनी चादर या फिर कम्बल का ध्यान रखें। चूंकि सोने के बाद बच्चे के बदन से कम्बल बगैरह हट जाता है। ठंड में सुबह- शाम जरूर पूरी तरह से ख्याल रखें। इनमें बच्चों से लेकर बुजुर्ग का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है।

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