रांची: निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेता सुबोधकांत सहाय ने भाजपा और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। अपने संबोधन में उन्होंने भाजपा के लिए “गैंग्स ऑफ गुजरात” शब्द का इस्तेमाल किया।
चुनाव आयोग की भूमिका पर उठाए सवाल
सुबोधकांत सहाय ने निर्वाचन आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि आयोग के स्तर पर भाजपा के पक्ष में काम किया जा रहा है। उन्होंने इस मुद्दे पर सार्वजनिक बहस की मांग की।
उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था लोकतांत्रिक अधिकारों को प्रभावित कर रही है। सहाय ने कहा कि इस पूरे मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए और उन्होंने गिरफ्तारी की मांग भी रखी।
केंद्र सरकार पर भी लगाए आरोप
अपने संबोधन में सहाय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर भी तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने निर्वाचन आयोग और भाजपा के बीच कथित संबंधों को लेकर सवाल उठाए।
सहाय ने “चोर-चोर मौसेरे भाई” वाली टिप्पणी का भी इस्तेमाल किया और चुनावी प्रक्रिया को लेकर सार्वजनिक चर्चा की आवश्यकता पर जोर दिया। ये आरोप और टिप्पणियां उनके राजनीतिक संबोधन का हिस्सा थीं।
SIR को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन
गौरतलब है कि झारखंड कांग्रेस ने 28 सितंबर को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और SIR को लेकर प्रदर्शन का कार्यक्रम रखा था। रांची में निर्वाचन आयोग के कार्यालय के घेराव का भी कार्यक्रम था। कांग्रेस इस दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही थी।
कांग्रेस नेताओं की ओर से SIR और मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने की प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठाए गए हैं। वहीं, निर्वाचन आयोग की प्रक्रियाओं और मतदाता सेवाओं से संबंधित आधिकारिक व्यवस्था अलग से लागू है।
