धनबाद: धनसार स्थित विश्वकर्मा परियोजना में हॉलपैक ऑपरेटर ललन नोनिया की मौत के बाद शनिवार को परिजनों और राष्ट्रीय कामगार यूनियन के सदस्यों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मृतक के आश्रित को एक करोड़ रुपये मुआवजा और नौकरी देने की मांग उठाई।
जानकारी के अनुसार, 2 अक्टूबर को परियोजना में काम के दौरान हॉलपैक ऑपरेटर ललन नोनिया मशीन समेत करीब 50 फीट की ऊंचाई से खदान में गिर गए थे। हादसे में उनकी मौत हो गई। घटना के बाद परियोजना में काम रोक दिया गया था।
शव पहुंचने के बाद शुरू हुआ प्रदर्शन
पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शनिवार को जब मृतक का शव घर पहुंचा, तो परिजन और यूनियन के सदस्य शव को लेकर प्रदर्शन पर बैठ गए। इस दौरान मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता के साथ आश्रित को नियोजन देने की मांग की गई।
प्रदर्शनकारियों ने परियोजना प्रबंधन पर सुरक्षा व्यवस्था में कथित लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना था कि हादसे की जिम्मेदारी तय कर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।
हादसे की जांच कर रही डीजीएमएस टीम
घटना की परिस्थितियों की जांच के लिए डीजीएमएस (खान सुरक्षा महानिदेशालय) की टीम भी मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू की और आवश्यक जानकारी जुटाई।
जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और क्या खदान में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था। डीजीएमएस की जांच के बाद दुर्घटना के कारणों और संभावित जिम्मेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल मृतक के परिजनों और यूनियन की ओर से मुआवजा, नियोजन तथा घटना की जांच की मांग जारी है।
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