देवघर: पिछले छह दिनों से ठप पड़ी देवघर शहर की सफाई व्यवस्था अब जल्द ही सामान्य होने वाली है. नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल सांसद निशिकांत दुबे की पहल और प्रशासनिक आश्वासन के बाद समाप्त हो गई है. इसके साथ ही शहर में जमा कचरे की सफाई का काम दोबारा शुरू करने की तैयारी कर ली गई है.
पीएफ (भविष्य निधि) के बकाया भुगतान की मांग को लेकर 11 जून से नगर निगम के सफाई कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर थे. हड़ताल के कारण बाबा मंदिर परिसर से लेकर शहर की प्रमुख सड़कों तक कचरे का अंबार लग गया था, जिससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था.
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सांसद निशिकांत दुबे ने सफाई कर्मचारियों का नेतृत्व कर रहे संजय मंडल से बातचीत की और उनके मुद्दों के समाधान का भरोसा दिलाया. इसके बाद कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त करने का फैसला लिया.
जल्द भुगतान होगा पीएफ की बकाया राशि
संजय मंडल ने बताया कि जिला प्रशासन, सांसद, मेयर और डिप्टी मेयर के आश्वासन के बाद यह निर्णय लिया गया है. उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को भरोसा दिया गया है कि उनके पीएफ की बकाया राशि का जल्द भुगतान किया जाएगा. इस पूरे मामले पर सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि बार-बार होने वाली हड़ताल से शहर की व्यवस्था प्रभावित होती है. इसका सबसे अधिक असर आम नागरिकों और बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं पर पड़ता है. उन्होंने कहा कि देवघर उनकी कर्मभूमि है और यहां के लोगों की समस्याओं का समाधान करना उनकी प्राथमिकता है.
सांसद ने सोशल मीडिया के माध्यम से घोषणा करते हुए कहा कि सफाई कर्मचारियों के कल्याण कोष के लिए उनकी ओर से प्रत्येक वर्ष 25 लाख रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे. साथ ही ऐसी स्थायी व्यवस्था बनाने का प्रयास किया जाएगा, जिससे भविष्य में सफाई कर्मचारियों को हड़ताल पर जाने की नौबत न आए और शहर की स्वच्छता लगातार बनी
सभी कर्मचारी काम पर लौटेंगे
वहीं, हड़ताल समाप्त होने पर देवघर नगर निगम के मेयर रवि राउत ने सांसद की पहल का स्वागत करते हुए कहा कि शहर की सफाई केवल निगम की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि यह पहल पूरे जिले के हित में एक सकारात्मक कदम है.
सफाई कर्मचारियों के नेता संजय मंडल ने बताया कि सभी कर्मचारी तत्काल अपने-अपने कार्यक्षेत्र में लौटेंगे और अगले एक से दो दिनों के भीतर शहर में जमा कचरे और गंदगी की पूरी तरह सफाई कर दी जाएगी. अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कर्मचारियों से किए गए वादे कितनी जल्दी धरातल पर उतरते हैं, ताकि भविष्य में शहर को दोबारा ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े.


