पटना, 14 अक्टूबर 2026: बिहार में गंगा नदी के जरिए पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में वाटर मेट्रो सेवा शुरू होने का इंतजार जल्द खत्म हो सकता है। पटना में गंगा वाटर मेट्रो का परिचालन दशहरा के बाद और दीपावली से पहले शुरू होने की उम्मीद है। इसके लिए एनआइटी और दीघा घाट पर जहाज को चार्ज करने के लिए दो चार्जिंग स्टेशन तैयार किए गए हैं।
करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से बना इलेक्ट्रिक जहाज ‘एमवी गोमधरकुंवर’ पिछले साल ही पटना पहुंच गया था। हालांकि, चार्जिंग सिस्टम से जुड़े परीक्षण के कारण अब तक इसका नियमित परिचालन शुरू नहीं हो सका है।
एनआइटी और दीघा घाट पर चार्जिंग स्टेशन तैयार
भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) के अधिकारियों के अनुसार, जहाज को चार्ज करने के लिए फास्ट चार्जिंग की व्यवस्था तैयार है। इसके साथ ही डीजल सिस्टम भी काम करने की स्थिति में है।
वहीं, स्लो चार्जिंग सिस्टम का परीक्षण अभी जारी है। इसके सफल होने के बाद वाटर मेट्रो के पहले जहाज का परिचालन शुरू किए जाने की उम्मीद है।
75 यात्रियों की होगी क्षमता
‘एमवी गोमधरकुंवर’ एक वातानुकूलित इलेक्ट्रिक जहाज है, जिसकी लंबाई करीब 42 मीटर है। इसमें एक बार में 75 यात्री सफर कर सकेंगे। जहाज को हुगली कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड ने कोलकाता के हावड़ा स्थित हुगली नदी के तट पर तैयार किया है।
यह जहाज 27 सितंबर 2025 को पटना पहुंचा था। अधिकारियों के मुताबिक, गंगा नदी में इसका ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है।
फास्ट चार्जिंग से डेढ़ घंटे तक सफर
अधिकारियों के अनुसार, जहाज का इंजन डीजल और बिजली, दोनों प्रणालियों से संचालित हो सकता है। फास्ट चार्जिंग सिस्टम के जरिए इसे लगभग आधे घंटे में पूरी तरह चार्ज किया जा सकता है। इसके बाद जहाज करीब एक से डेढ़ घंटे तक लगातार चल सकेगा।
इसके अलावा, स्लो चार्जिंग सिस्टम से पूरी तरह चार्ज होने पर जहाज के पांच से छह घंटे तक चलने की संभावना बताई गई है। फिलहाल संबंधित कंपनी के अभियंता इस प्रणाली का परीक्षण कर रहे हैं।
पर्यटन को मिल सकती है नई सुविधा
पटना में वाटर मेट्रो सेवा शुरू होने से गंगा नदी के रास्ते यात्रा करने का नया विकल्प मिलेगा। इससे शहर में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इस सेवा का संचालन बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा किया जाना है।
हालांकि, परिचालन शुरू करने की अंतिम तारीख की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। सेवा की शुरुआत चार्जिंग सिस्टम के परीक्षण और आवश्यक तैयारियां पूरी होने पर निर्भर करेगी।
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