अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ दो सप्ताह के संघर्ष विराम की घोषणा के बाद भी बुधवार को भारतीय और वैश्विक बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखी गई. सुरक्षित निवेश की मांग और निचले स्तरों पर खरीदारी के चलते चांदी में 6 प्रतिशत और सोने में लगभग 2.5 प्रतिशत तक का उछाल दर्ज किया गया.
बाजार का हाल: सोना और चांदी की नई ऊंचाई
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर जून वायदा सोने की कीमत 3,688 रुपये या 2.45 प्रतिशत बढ़कर 1,53,977 रुपये प्रति 10 ग्राम के इंट्राडे हाई पर पहुंच गई. वहीं चांदी की बात करें तो मई वायदा चांदी की कीमतों में करीब 13,422 रुपये की भारी बढ़त देखी गई, जिससे यह 2,44,770 रुपये प्रति किलोग्राम के उच्च स्तर पर पहुंच गई.
कीमतें बढ़ने के मुख्य कारण
बाजार जानकारों के अनुसार, इस उछाल के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण रहे
निचले स्तर पर खरीदारी
पश्चिम एशिया संकट के दौरान कीमतों में आई गिरावट के बाद निवेशकों ने इसे खरीदारी का एक अच्छा मौका माना. कम कीमतों पर बढ़ी मांग ने कीमतों को सहारा दिया.
अमेरिकी डॉलर में कमजोरी
ट्रंप के “स्टैंड डाउन” (पीछे हटने) के आदेश के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर थोड़ा कमजोर हुआ, जिससे अन्य मुद्राओं वाले निवेशकों के लिए सोना खरीदना सस्ता हो गया.
कच्चे तेल में भारी गिरावट
संघर्ष विराम की खबर से कच्चे तेल की कीमतों में 20 प्रतिशत तक की ऐतिहासिक गिरावट आई. ब्रेंट क्रूड गिरकर 91.88 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. तेल की कीमतों में गिरावट से बाजार में लिक्विडिटी बढ़ी, जिसका फायदा कीमती धातुओं को मिला.
RBI की मौद्रिक नीति
भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखा. इस फैसले से घरेलू बाजारों में सकारात्मक माहौल बना, जिससे शेयर बाजार के साथ-साथ बुलियन मार्केट में भी तेजी आई.
मुद्रा और शेयर बाजार पर असर
मुद्रा बाजार में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 40 पैसे मजबूत होकर 92.61 के स्तर पर बंद हुआ. इसके अलावा, शेयर बाजार (सेंसेक्स और निफ्टी) में भी लगभग 4 प्रतिशत की तेजी देखी गई.
हालांकि ट्रंप की घोषणा ने युद्ध की तत्काल चिंताओं को कम किया है, लेकिन निवेशकों के बीच अभी भी लंबी अवधि की अनिश्चितता बनी हुई है. यही कारण है कि सुरक्षित निवेश के रूप में सोने और चांदी की चमक कम नहीं हो रही है.


