रांची, 22 अक्टूबर 2026: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत नए मतदाताओं के नाम जोड़ने की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को उन जिलों और विधानसभा क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने को कहा है, जहां मतदाता पंजीकरण में अपेक्षाकृत कम वृद्धि दर्ज की गई है।
निर्वाचन विभाग का जोर मतदाता सूची को अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाने के साथ-साथ सभी पात्र भारतीय नागरिकों का नाम इसमें शामिल करने पर है।
झारखंड में 2.21 करोड़ से अधिक मतदाता दर्ज
22 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, राज्य के 31,892 मतदान केंद्रों के लिए प्रकाशित प्रारूप मतदाता सूची में कुल 2,21,01,249 मतदाता दर्ज हैं। नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए अब तक फॉर्म-6 के 8,59,162 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
इन आवेदनों के आधार पर नए मतदाताओं के समावेशन में 3.89 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है। प्रति मतदान केंद्र औसतन 27 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि अपेक्षित वृद्धि कम-से-कम 8 प्रतिशत बताई गई है। इसी अंतर को देखते हुए पंजीकरण प्रक्रिया तेज करने पर जोर दिया जा रहा है।
कोडरमा में सबसे अधिक, पाकुड़ में सबसे कम वृद्धि
जिलावार आंकड़ों में कोडरमा 5.80 प्रतिशत वृद्धि के साथ सबसे आगे है। इसके बाद पलामू में 4.86 प्रतिशत, पश्चिमी सिंहभूम में 4.85 प्रतिशत, खूंटी में 4.38 प्रतिशत और सिमडेगा में 4.35 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है।
वहीं, पाकुड़ में 2.85 प्रतिशत, जामताड़ा में 2.87 प्रतिशत और देवघर में 2.89 प्रतिशत वृद्धि दर्ज हुई। विधानसभा क्षेत्रों की बात करें तो धनबाद 6.18 प्रतिशत वृद्धि के साथ आगे रहा, जबकि चंदनकियारी में सबसे कम 2.56 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई।
कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के माध्यम से युवाओं को जोड़ने पर जोर
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के सहयोग से पात्र युवाओं को मतदाता पंजीकरण के प्रति जागरूक करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि योग्य युवाओं को फॉर्म-6 भरने के लिए प्रोत्साहित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा सकें।
इसके साथ ही बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) सुपरवाइजरों को नियमित निगरानी करने और प्रत्येक मतदान केंद्र पर प्रतिदिन कम-से-कम दो नए फॉर्म-6 का डिजिटाइजेशन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
पात्र नागरिकों का नाम जुड़े, अपात्र लोगों की पहचान हो
निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची में प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक का नाम शामिल होना चाहिए। साथ ही, अपात्र व्यक्तियों या विदेशी नागरिकों का नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं होना चाहिए।
SIR के तहत पंजीकरण प्रक्रिया को गति देने के लिए अब कम वृद्धि वाले जिलों और विधानसभा क्षेत्रों में विशेष निगरानी तथा जागरूकता गतिविधियों पर जोर दिया जा रहा है।
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