रांची: झारखंड में खरीफ फसल की खेती तेजी से आगे बढ़ रही है। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार राज्य में धान की खेती के निर्धारित लक्ष्य का करीब 69.44 प्रतिशत क्षेत्र अब तक कवर हो चुका है। हालांकि पलामू और गढ़वा में बारिश की कमी के कारण खेती की स्थिति अभी भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
राज्य में धान की खेती के लिए 18.04 लाख हेक्टेयर का लक्ष्य रखा गया है। इसमें से अब तक करीब 12.52 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती शुरू हो चुकी है। लगभग 2.14 लाख हेक्टेयर में सीधी बुआई हुई है, जबकि 10.38 लाख हेक्टेयर में धान की रोपाई पूरी हो चुकी है।
अगले करीब दो सप्ताह तक धान की रोपाई जारी रहने की संभावना है। जुलाई में सामान्य से काफी कम बारिश होने के बावजूद किसानों ने उपलब्ध पानी के आधार पर खेती का काम आगे बढ़ाया है।
मक्का और दलहन की खेती भी आगे
मक्का की खेती में भी अच्छी प्रगति दर्ज की गई है। निर्धारित लक्ष्य के करीब 76.01 प्रतिशत क्षेत्र में मक्का की बुआई हो चुकी है। दलहन की खेती का कवरेज भी लगभग 75.37 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
इसके मुकाबले तिलहन की बुआई करीब 40 प्रतिशत लक्ष्य तक पहुंची है, जबकि मोटे अनाज की खेती का कवरेज 56.53 प्रतिशत दर्ज किया गया है।
प्रमंडलवार आंकड़ों में संताल परगना सबसे आगे है, जहां धान की रोपाई निर्धारित लक्ष्य के लगभग 77 प्रतिशत तक पहुंच गई है। पलामू प्रमंडल में यह आंकड़ा करीब 26.81 प्रतिशत है। जिलों में देवघर और दुमका में धान की खेती का कवरेज क्रमशः 92.95 और 83.73 प्रतिशत बताया गया है।
पलामू में बारिश की कमी से बढ़ी चिंता
पलामू में जुलाई के दौरान सामान्य बारिश की तुलना में काफी कम वर्षा हुई। जिले में जुलाई की सामान्य वर्षा 344.7 मिमी के मुकाबले केवल 69.2 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से काफी कम है।
अगस्त के शुरुआती 12 दिनों में भी स्थिति बेहतर नहीं रही। इस अवधि में जहां राज्य में औसतन 81.4 मिमी बारिश हुई, वहीं पलामू में सिर्फ 12.3 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
पलामू में धान की सीधी बुआई का क्षेत्र नहीं के बराबर है और खेती काफी हद तक रोपाई पर निर्भर है। ऐसे में पर्याप्त पानी नहीं मिलने से किसानों के सामने परेशानी बनी हुई है।
गढ़वा और पलामू के लिए विशेष योजना
कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि पलामू और गढ़वा की स्थिति पर सरकार की विशेष नजर है। दोनों जिलों में खेती को बेहतर बनाने के लिए अल्पकालीन और दीर्घकालीन योजनाओं पर काम किया जा रहा है। किसानों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं।
अगस्त में बारिश बढ़ने की उम्मीद
मौसम विभाग के प्रभारी केंद्र रांची के अभिषेक आनंद के अनुसार मौसम पर अल नीनो का प्रभाव बना हुआ है, जिससे बारिश अपेक्षा के अनुरूप नहीं हो रही है। उन्होंने बताया कि कुछ मौसमी परिस्थितियों का असर भी नमी के प्रवाह पर पड़ा है।
हालांकि अगस्त के दौरान झारखंड में बारिश की स्थिति में सुधार होने की उम्मीद जताई गई है। यदि आने वाले दिनों में पर्याप्त वर्षा होती है, तो धान की बाकी रोपाई पूरी होने के साथ पलामू और गढ़वा के किसानों को भी राहत मिल सकती है।
