28 अक्टूबर 2026 | BHARATSUPERFASTNEWS
रांची: झारखंड सरकार की अबुआ आवास योजना के तहत हजारों परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने की पहल के बीच निर्माण कार्य की प्रगति को लेकर नए आंकड़े सामने आए हैं। अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, पहली किस्त प्राप्त करने वाले 4,92,464 आवासों में से 2,52,801 घर ही पूरे हो पाए हैं। इस तरह 2,39,663 आवास अब भी अधूरे हैं, जबकि निर्माण पूर्णता का आंकड़ा 51.33 प्रतिशत है।
जिलावार आंकड़ों में पश्चिमी सिंहभूम में निर्माण की पूर्णता दर सबसे कम 24.51 प्रतिशत दर्ज की गई है। दूसरी ओर, कोडरमा में 73.27 प्रतिशत आवास पूरे होने के साथ सबसे अधिक पूर्णता दर दर्ज हुई है।
अबुआ आवास योजना के तहत कितने घर बनाने का लक्ष्य?
झारखंड की अबुआ आवास योजना के तहत कुल 6.50 लाख आवास बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से 6,33,351 आवासों को स्वीकृति दी गई है। हालांकि, स्वीकृत आवासों की संख्या और वास्तव में पूरे हो चुके घरों के आंकड़ों के बीच अंतर बना हुआ है।
योजना का उद्देश्य पात्र परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने के लिए आर्थिक सहायता देना है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रत्येक लाभुक को तीन कमरों का घर बनाने के लिए कुल 2 लाख रुपये दिए जाते हैं।
चार किस्तों में मिलती है आर्थिक सहायता
योजना के तहत राशि चार किस्तों में दिए जाने की जानकारी उपलब्ध कराई गई है।
| किस्त | सहायता राशि | लाभुकों की संख्या |
|---|---|---|
| पहली किस्त | ₹30,000 | 4,92,464 |
| दूसरी किस्त | ₹50,000 | 4,46,374 |
| तीसरी किस्त | ₹1,00,000 | 3,29,582 |
| चौथी किस्त | ₹20,000 | 68,962 |
आंकड़ों के अनुसार, पहली किस्त पाने वाले लाभुकों और दूसरी किस्त पाने वालों के बीच 46,090 का अंतर है। दूसरी और तीसरी किस्त पाने वालों की संख्या में 1,16,792 का अंतर दर्ज किया गया है।
चौथी किस्त पाने वाले लाभुकों की संख्या 68,962 है। वहीं, पूरी हो चुकी आवास इकाइयों की संख्या 2,52,801 बताई गई है। इन आंकड़ों से योजना में किस्तों के भुगतान और आवास निर्माण की अलग-अलग अवस्थाओं का पता चलता है।
अबुआ आवास योजना के लिए ₹500 करोड़ जारी
रिपोर्ट के मुताबिक, झारखंड सरकार ने अबुआ आवास योजना के लिए 500 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इससे पहले चालू वित्त वर्ष में करीब दो महीने पूर्व 490 करोड़ रुपये जारी किए जाने की जानकारी भी दी गई थी।
हालांकि, राशि जारी होने और निर्माण कार्य पूरा होने के बीच अंतर बना हुआ है। आवास निर्माण की प्रगति का आकलन करने के लिए किस्तों के भुगतान के साथ-साथ वास्तविक निर्माण की स्थिति को देखना भी जरूरी है।
पश्चिमी सिंहभूम में सबसे कम आवास पूरे
जिलावार आंकड़ों के अनुसार, पश्चिमी सिंहभूम में पहली किस्त प्राप्त 22,318 आवासों में से 5,470 घर ही पूरे हुए हैं। रिपोर्ट में यहां निर्माण पूर्णता दर 24.51 प्रतिशत बताई गई है।
इसके विपरीत, कोडरमा में पहली किस्त प्राप्त 7,553 आवासों में से 5,534 घर पूरे हो चुके हैं। यहां पूर्णता दर 73.27 प्रतिशत दर्ज की गई है।
कुछ अन्य जिलों में आवास निर्माण की स्थिति इस प्रकार बताई गई है:
| जिला | पहली किस्त प्राप्त आवास | पूर्ण आवास | पूर्णता दर |
|---|---|---|---|
| कोडरमा | 7,553 | 5,534 | 73.27% |
| खूंटी | 6,147 | 4,368 | 71.06% |
| पाकुड़ | 20,000 | 13,618 | 68.09% |
| हजारीबाग | 17,406 | 11,520 | 66.18% |
| रांची | 28,334 | 15,046 | 53.10% |
| पलामू | 35,813 | 14,009 | 39.12% |
| पश्चिमी सिंहभूम | 22,318 | 5,470 | 24.51% |
नोट: ये आंकड़े उपलब्ध अक्टूबर रिपोर्ट पर आधारित हैं।
राज्य में 2.39 लाख से अधिक आवास लंबित
राज्य स्तर पर पहली किस्त प्राप्त आवासों में से 2,39,663 अब भी अधूरे बताए गए हैं। यह संख्या पहली किस्त पाने वाले कुल आवासों का लगभग 48.67 प्रतिशत है।
योजना की प्रगति को समझने के लिए यह अंतर महत्वपूर्ण है। हालांकि, किसी आवास के अधूरे होने के पीछे निर्माण की मौजूदा अवस्था, किस्तों का भुगतान और अन्य स्थानीय परिस्थितियां क्या हैं, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध आंकड़ों में नहीं दी गई है।
लाभुकों के लिए क्या है महत्वपूर्ण?
अबुआ आवास योजना के लाभुकों को अपने आवास निर्माण की स्थिति, स्वीकृत राशि और किस्तों के भुगतान से संबंधित जानकारी संबंधित प्रखंड या जिला कार्यालय से प्राप्त करनी चाहिए। यदि किस्त मिलने या निर्माण की प्रगति को लेकर कोई समस्या है, तो संबंधित विभाग से आधिकारिक जानकारी लेना उचित होगा।
निष्कर्ष: झारखंड में अबुआ आवास योजना के तहत 6.33 लाख से अधिक आवास स्वीकृत किए जाने के बावजूद, अक्टूबर रिपोर्ट में पहली किस्त प्राप्त आवासों में से करीब 2.40 लाख घर अधूरे बताए गए हैं। अब योजना की प्रगति का आकलन निर्माण पूरा होने और शेष लाभुकों तक सहायता पहुंचने के आधार पर किया जा सकता है।
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