Tuesday, June 2, 2026

झारखंड में वोटर मैपिंग के कार्य प्रगति की मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने समीक्षा की.

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रांचीः राज्य में मतदाताओं के विशेष गहन पुनरीक्षण से पहले चल रहे वोटर मैपिंग की धीमी प्रगति और उसके कारणों को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ ऑनलाइन माध्यम से बैठक हुई. जिसमें रांची सहित कुछ जिलों में अनमैप्ड वोटरों की मैपिंग कार्य धीमा होने पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने जिला निर्वाचन पदाधिकारियों पर नाराजगी जताई और जरूरी दिशा निर्देश दिए.

उन्होंने कहा है कि पदाधिकारी राज्य में 15 जून तक मतदाताओं का विगत दिनों हुई गहन पुनरीक्षण के मतदाता सूची से मैपिंग का कार्य पूर्ण कराना सुनिश्चित करें. मैप्ड मतदाताओं को एसआईआर प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार के अन्य दस्तावेज नहीं समर्पित करने होंगे. यदि मतदाता अनमैप्ड है, तो उनका नाम प्रारूप मतदाता सूची से नहीं कटेगा. ऐसे मतदाताओं को एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान ERO द्वारा नोटिस मिलने के उपरांत, उन्हें जन्मतिथि के अनुसार स्वयं/माता अथवा पिता/माता व पिता दोनों/ ग्रैंड पैरेंट्स से संबंधित दस्तावेज जमा करने होंगे और ERO द्वारा दावा/आपत्ति का निस्तारण करते हुए मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 7 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा.

शहरी क्षेत्र से ज्यादा मैपिंग ग्रामीण क्षेत्र में

सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ निर्वाचन सदन से ऑनलाइन माध्यम से राज्य में निर्धारित एसआईआर की तैयारियों से संबंधित हुई समीक्षा के बाद ईटीवी भारत से बात करते हुए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा कि शहरी क्षेत्र में मैपिंग कम हुए हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्र में अधिक मैपिंग हुई है. उन्होंने कहा कि अब तक करीब 76% मतदाताओं की मैपिंग हो गई है.

इससे पूर्व बैठक में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने पदाधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि पदाधिकारी मैपिंग कार्य की सघन समीक्षा करें. यदि मतदाताओं की गलत मैपिंग होती है तो ऐसे मतदाताओं की सूची एनोमलीज केस के रूप में दिखेंगे. जिनका ERO द्वारा सुनवाई करते हुए आदेश पारित करना होगा. ऐसे मतदाताओं को भी अनमैप्ड मतदाताओं की तरह एसआईआर के प्रक्रिया से गुजरना होगा.

मतदाताओं की मैपिंग की समीक्षा

उन्होंने कहा कि अनमैप्ड मतदाताओं की सूची के प्रत्येक मतदाताओं तक संपर्क बनाने का प्रयास करें. इसके साथ–साथ इस सूची के मतदाताओं में एब्सेंट, शिफ्टेड, डेथ, डुप्लीकेट और गैर नागरिक श्रेणी के मतदाताओं को भी चिन्हित कर लें. के रवि कुमार ने कहा है कि एसआईआर का मुख्य उद्देश्य है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से नहीं छूटे. पदाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि एसआईआर की प्रक्रिया केवल पात्र भारतीय नागरिकों के लिए है, गैर भारतीय इस प्रक्रिया में भाग न ले सकें इसका ध्यान रखें.

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने समीक्षा के क्रम में पीपीटी के माध्यम से सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को मैपिंग, एसआईआर की प्रक्रिया और दस्तावेजों के बारे में बिंदुवार जानकारी उपलब्ध कराई. इसके साथ–साथ वर्तमान में मतदाता सूची की मैपिंग प्रक्रिया में चल रहे कार्यों की समीक्षा की.

उन्होंने कहा कि इन्यूमरेशन फॉर्म में बीएलओ के नाम और फोन नंबर दिए जाएंगे. 15 जून के बाद बीएलओ को नहीं बदलें. उन्होंने समीक्षा के क्रम में कम मैपिंग वाले बीएलओ से ऑनलाइन माध्यम से बात की एवं कम मैपिंग के कारणों की समीक्षा करते हुए उनके आवश्यक क्षमता संवर्धन हेतु पदाधिकारियों को निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि 15 जून तक सभी जिलों में फॉर्म 6, 7 एवं 8 की पेंडेंसी को शून्य कर लें.

समीक्षा बैठक में ये रहे मौजूद

समीक्षा बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, ट्रेनिंग नोडल पदाधिकारी देव दास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज कुमार ठाकुर, अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार सहित ऑनलाइन माध्यम से सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी एवं उप निर्वाचन पदाधिकारी उपस्थित थे.

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