नई दिल्ली: टेक जगत की दिग्गज कंपनी एप्पल ने अपने भविष्य के नेतृत्व को लेकर एक बड़ी घोषणा की है. कंपनी ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि हार्डवेयर इंजीनियरिंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट जॉन टर्नस अगले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) होंगे. वह 1 सितंबर, 2026 को टिम कुक की जगह लेंगे.
यह निर्णय एप्पल के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स द्वारा सर्वसम्मति से लिया गया है, जो कंपनी की लंबी उत्तराधिकार योजना का हिस्सा है. 2011 से एप्पल का नेतृत्व कर रहे टिम कुक पूरी तरह से सेवानिवृत्त नहीं हो रहे हैं; वह नवनिर्मित ‘एग्जीक्यूटिव चेयरमैन’ की भूमिका निभाएंगे. इस नई भूमिका में कुक वैश्विक नीति निर्माताओं के साथ संबंधों और कंपनी के कुछ विशेष मामलों पर ध्यान केंद्रित करेंगे.
कौन हैं जॉन टर्नस?
50 वर्षीय जॉन टर्नस एप्पल के पुराने और भरोसेमंद खिलाड़ी हैं. उन्होंने 2001 में एप्पल की प्रोडक्ट डिजाइन टीम से अपने करियर की शुरुआत की थी. 2021 में उन्हें हार्डवेयर इंजीनियरिंग का सीनियर वाइस प्रेसिडेंट बनाया गया. टर्नस ने आईपैड (iPad), एयरपॉड्स (AirPods) और हालिया आईफोन (iPhone) तथा मैक (Mac) की पीढ़ियों को विकसित करने में केंद्रीय भूमिका निभाई है. हाल ही में उनके नेतृत्व में ही ‘आईफोन एयर’ और ‘मैकबुक नियो’ जैसे इनोवेटिव प्रोडक्ट्स लॉन्च किए गए हैं.
टिम कुक की बेमिसाल विरासत
टिम कुक ने एप्पल को उस समय संभाला था जब कंपनी के संस्थापक स्टीव जॉब्स का निधन हुआ था. उनके 15 साल के कार्यकाल में एप्पल ने वित्तीय रूप से अभूतपूर्व ऊंचाइयों को छुआ. जब कुक CEO बने थे, तब एप्पल का मार्केट कैप लगभग 350 बिलियन डॉलर था, जो आज बढ़कर 4 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 335 लाख करोड़ रुपये) के पार पहुंच गया है. कंपनी का सालाना राजस्व भी चार गुना बढ़कर 416 बिलियन डॉलर से अधिक हो गया है.
बोर्ड में अन्य बदलाव
इस फेरबदल के साथ, पिछले 15 वर्षों से नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन रहे आर्थर लेविंसन अब ‘लीड इंडिपेंडेंट डायरेक्टर’ की भूमिका में होंगे. वहीं, एप्पल के चिप मास्टरमाइंड जॉनी स्रौजी को ‘चीफ हार्डवेयर ऑफिसर’ नियुक्त किया गया है.
टिम कुक ने टर्नस की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनमें “एक इंजीनियर का दिमाग और एक नवप्रवर्तक की आत्मा” है. टर्नस ने इस जिम्मेदारी को स्वीकार करते हुए कहा कि वह एप्पल के मिशन को आगे ले जाने के अवसर के लिए आभारी हैं. यह बदलाव दर्शाता है कि एप्पल भविष्य में अपने हार्डवेयर और एआई (AI) क्षमताओं को और अधिक मजबूत करने की तैयारी में है.


