लोहरदगा | 23 अक्टूबर 2026 | BHARATSUPERFASTNEWS
झारखंड के लोहरदगा की पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी संजना कुमारी ने अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन पैरा गेम्स 2026 में संजना ने महिला एकल SL3 वर्ग में कांस्य पदक जीता। उनके पहले एशियन पैरा गेम्स में यह उपलब्धि झारखंड के खेल जगत के लिए गौरव का अवसर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी संजना को पदक जीतने पर बधाई दी है।
संजना लोहरदगा के शास्त्री नगर, ढोढ़ा टोली की रहने वाली हैं। पहली बार इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेते हुए उन्होंने सेमीफाइनल तक का सफर तय किया और पदक अपने नाम किया।
सेमीफाइनल तक पहुंचकर पक्का किया कांस्य पदक
महिला एकल SL3 पैरा बैडमिंटन स्पर्धा में संजना कुमारी ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई। वहां उनका मुकाबला जापान की खिलाड़ी शिनो कवाई से हुआ।
सेमीफाइनल में संजना को 0-2 से हार का सामना करना पड़ा। दोनों गेम में स्कोर 7-21 और 9-21 रहा। हालांकि, प्रतियोगिता के प्रारूप के अनुसार सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ ही उनका कांस्य पदक सुनिश्चित हो गया था।
पहली बार एशियन पैरा गेम्स में भाग लेकर पदक जीतना संजना के खेल करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी बधाई
संजना की सफलता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई दी। प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री ने महिला एकल SL3 पैरा बैडमिंटन में कांस्य पदक जीतने पर उनके प्रदर्शन की सराहना की और भविष्य में भी सफलता हासिल करने की कामना की।
प्रधानमंत्री की शुभकामनाओं से संजना की उपलब्धि को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है। उनकी सफलता से लोहरदगा सहित झारखंड के खेल प्रेमियों में खुशी का माहौल है।
कोच गौरव खन्ना के मार्गदर्शन में ले रही हैं प्रशिक्षण
संजना कुमारी पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी हैं। वह SL3 वर्ग में प्रतिस्पर्धा करती हैं और लखनऊ बैडमिंटन ट्रेनिंग सेंटर में कोच गौरव खन्ना के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण ले रही हैं।
एशियन पैरा गेम्स के लिए भारतीय टीम में उनका चयन झारखंड के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि था। अब कांस्य पदक जीतकर उन्होंने अपने प्रदर्शन से इस अवसर को यादगार बना दिया है।
परिवार को 2028 पैरालंपिक की उम्मीद
संजना के पिता रतन कुमार, जो पूर्व सैनिक हैं, ने बेटी की उपलब्धि पर खुशी जताई है। परिवार को उम्मीद है कि संजना को आगे भी बेहतर प्रशिक्षण और जरूरी सुविधाएं मिलेंगी, जिससे वह आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयारी कर सकें।
परिवार की नजर अब 2028 पैरालंपिक खेलों पर भी है। हालांकि, पैरालंपिक में भागीदारी के लिए संजना को निर्धारित चयन और क्वालीफिकेशन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
झारखंड की उभरती खेल प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा
संजना कुमारी की उपलब्धि उन खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने का सपना देखते हैं। एशियन पैरा गेम्स में कांस्य पदक जीतकर उन्होंने लोहरदगा और झारखंड को खेल जगत में नई पहचान दिलाई है।
अब संजना का लक्ष्य अपने खेल को और बेहतर बनाना तथा आने वाली प्रतियोगिताओं में अच्छा प्रदर्शन करना होगा।
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