Monday, August 10, 2026

छाताबाद भू-धंसान के बाद ग्रामीणों का आंदोलन तेज, मंत्री इरफान अंसारी ने दिया समर्थन; पुनर्वास की मांग पर जोर.

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धनबाद: कतरास के छाताबाद इलाके में भू-धंसान की घटनाओं के बाद ग्रामीणों की चिंता और विरोध बढ़ता जा रहा है। प्रभावित परिवार सुरक्षित पुनर्वास और रोजगार की मांग को लेकर STG-DECO की आउटसोर्सिंग परियोजना के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। ग्रामीणों ने अपने आंदोलन को ‘आशियाना बचाओ आंदोलन’ नाम दिया है।

ग्रामीणों के आंदोलन के समर्थन में झारखंड सरकार के मंत्री इरफान अंसारी भी धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और BCCL प्रबंधन से जल्द समाधान की मांग की।

भू-धंसान से बढ़ी ग्रामीणों की परेशानी

छाताबाद क्षेत्र में हाल की भू-धंसान की घटनाओं ने स्थानीय लोगों के सामने सुरक्षा का गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है। ग्रामीणों के अनुसार, इलाके में कई घर प्रभावित हुए हैं और जमीन पर दरारें पड़ने से भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि कोयला खनन और आउटसोर्सिंग गतिविधियों के कारण क्षेत्र में जमीन धंसने का खतरा लगातार बना हुआ है। उनका कहना है कि प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर बसाने के साथ रोजगार की व्यवस्था भी की जानी चाहिए।

मंत्री ने ग्रामीणों को दिया भरोसा

धरना स्थल पर ग्रामीणों से बातचीत के दौरान मंत्री इरफान अंसारी ने उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

मंत्री ने BCCL और कोल इंडिया प्रबंधन से प्रभावित परिवारों की स्थिति पर गंभीरता से विचार करने और जल्द आवश्यक कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि खनन गतिविधियों से यदि लोगों के घर और जमीन प्रभावित हो रहे हैं तो उनके पुनर्वास और राहत की जिम्मेदारी भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।

पहले सुरक्षा, फिर पुनर्वास और रोजगार की मांग

मंत्री ने कहा कि जहां भू-धंसान का खतरा बना हुआ है, वहां रहने वाले लोगों के लिए सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास के साथ आवश्यक चिकित्सा और दूसरी सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है।

उन्होंने स्थानीय विधायक और सांसद की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर अपेक्षित स्तर पर पहल नहीं की गई है। मंत्री ने कहा कि अब ग्रामीणों की मांगों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान

ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि उनकी प्राथमिकता अपने घर और जान-माल की सुरक्षा है। उनका कहना है कि जब तक पुनर्वास और रोजगार को लेकर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक धरना जारी रहेगा।

अब ग्रामीणों के आंदोलन और मंत्री के हस्तक्षेप के बाद BCCL प्रबंधन की ओर से क्या कदम उठाया जाता है, इस पर सभी की नजर है।

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