चतरा: जिले में पेट्रोल और डीजल की भारी किल्लत ने विकराल रूप ले लिया है. दर्जनों पेट्रोल पंप पूरी तरह सूख चुके हैं, जबकि बचे हुए पंपों पर सुबह से ही भीड़ और युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है. आम नागरिकों से लेकर एम्बुलेंस सेवाओं तक पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं, लेकिन जिला प्रशासन अभी तक इस गंभीर समस्या से अनभिज्ञ नजर आ रहा है.
पंपों पर नो स्टॉक, पंप संचालकों की राशनिंग
जिले के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर ‘नो स्टॉक’ के बोर्ड लटक रहे हैं. जिन थोड़े से पंपों पर ईंधन उपलब्ध है, वहां लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं. स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि पंप संचालक अपनी मर्जी से मात्र 100 से 400 रुपये तक का ही तेल दे रहे हैं. इस अनौपचारिक राशनिंग व्यवस्था से लंबी दूरी तय करने वाले वाहन चालक और निजी वाहन स्वामी खासे परेशान हैं. कई लोग जरूरी काम छोड़कर घंटों कतार में खड़े रहने को मजबूर हैं.
पड़ोसी जिलों में भी तलाश, स्थिति जस की तस
ईंधन की तलाश में कई लोग पड़ोसी जिलों की ओर रुख कर रहे हैं, लेकिन वहां भी हालात ऐसी ही हैं. जिले की सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है, जबकि पेट्रोल पंपों पर चहल-पहल और शोरगुल की स्थिति बनी हुई है.
एम्बुलेंस सेवाएं ठप होने की कगार पर, मरीजों के लिए खतरा
संकट का सबसे गंभीर पहलू स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा है. जिले के एम्बुलेंस चालकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो गंभीर मरीजों को रेफर करना असंभव हो जाएगा. चालकों का कहना है कि पंपों पर उन्हें प्राथमिकता नहीं दी जा रही है और सीमित ईंधन में मरीजों को ले जाना जोखिम भरा साबित हो सकता है. ऐसी स्थिति किसी भी समय बड़ी अनहोनी को न्योता दे सकती है.

पंप संचालकों का दावा- टैंकर आपूर्ति बाधित
पेट्रोल पंप संचालकों ने बताया कि तेल डिपो से टैंकरों की आपूर्ति बाधित हो गई है. समय पर टैंकर न पहुंचने के कारण उनका स्टॉक पूरी तरह खत्म हो चुका है. संचालक भारी दबाव में हैं और बचे हुए स्टॉक को आपातकालीन स्थितियों के लिए बचाकर रखने की कोशिश कर रहे हैं.
प्रशासन का रुख- कोई शिकायत नहीं मिली
हैरानी की बात यह है कि पूरे जिले में मचे इस हाहाकार के बीच जिला आपूर्ति पदाधिकारी (DSO) नीति कुमारी का कहना है कि उन्हें अब तक इस बारे में कोई आधिकारिक शिकायत नहीं मिली है. उन्होंने कहा, “अगर कोई पंप संचालक जानबूझकर तेल नहीं दे रहा या मनमानी कर रहा है, तो लोग शिकायत करें. प्रशासन कड़ी कार्रवाई करेगा.” डीएसओ ने आश्वासन दिया कि यदि आपूर्ति में कोई तकनीकी समस्या है तो वे संबंधित तेल कंपनियों से बात करके जल्द समाधान निकालेंगी.


