चक्रधरपुर | 30 अक्टूबर 2026
पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय गुईगांव में शिक्षकों की कमी को लेकर शुक्रवार को अभिभावकों, ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने विद्यालय में पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था करने और दूसरे स्कूलों में प्रतिनियुक्त किए गए दो शिक्षकों को वापस बुलाने की मांग की।
178 विद्यार्थियों को पढ़ा रहे महज दो शिक्षक
गुलकेड़ा पंचायत के इस विद्यालय में कक्षा एक से आठवीं तक कुल 178 विद्यार्थी नामांकित हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले कई महीनों से स्कूल में केवल दो शिक्षक ही पढ़ाई की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
विद्यालय में कुल चार शिक्षक पदस्थापित हैं, लेकिन इनमें से दो को करीब तीन महीने पहले दूसरे विद्यालयों में प्रतिनियुक्त कर दिया गया। इसके बाद से यहां शिक्षकों की कमी बनी हुई है।
आठ कक्षाओं की पढ़ाई प्रभावित होने का दावा
ग्रामीणों का कहना है कि उपलब्ध दो शिक्षकों के लिए आठ कक्षाओं के विद्यार्थियों को पढ़ाना और अन्य शैक्षणिक गतिविधियां संचालित करना मुश्किल हो रहा है। कक्षा छह से आठवीं तक के 97 विद्यार्थी भी इन्हीं दो शिक्षकों पर निर्भर हैं।
अभिभावकों के अनुसार, शिक्षकों की कमी से बच्चों की नियमित पढ़ाई और शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। उन्होंने बच्चों के भविष्य को देखते हुए जल्द समाधान निकालने की मांग की।
प्रतिनियुक्ति रद्द कर शिक्षकों को वापस बुलाने की मांग
धरना दे रहे ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से हस्तक्षेप करने की अपील की। उनकी मांग है कि दूसरे विद्यालयों में प्रतिनियुक्त दोनों शिक्षकों को वापस बुलाया जाए और गुईगांव स्कूल में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध कराए जाएं।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जा सकता है।
पंचायत प्रतिनिधि और ग्रामीण रहे मौजूद
धरना-प्रदर्शन में गुलकेड़ा पंचायत की मुखिया लक्ष्मी केराई, विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सुखलाल जारिका, पूर्व सैनिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता दयासागर केराई, मुंडा आनंद बागुन बोयपाई समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण, अभिभावक और विद्यार्थी शामिल हुए।
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