गिरिडीह: जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को समाहरणालय सभागार में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। उपायुक्त रामनिवास यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में स्वास्थ्य सुविधाओं, निर्माणाधीन स्वास्थ्य केंद्रों और विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन (PM ABHIM) के तहत चल रहे कार्यों के अलावा 15वें वित्त आयोग से संबंधित निर्माण योजनाओं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC), स्वास्थ्य उपकेंद्रों (HSC) और अन्य चिकित्सा संस्थानों की स्थिति की जानकारी ली गई। अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग की कल्याणकारी योजनाओं की भी समीक्षा की गई।
निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश
उपायुक्त ने स्वास्थ्य भवनों के निर्माण की धीमी रफ्तार पर नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित एजेंसियों को काम में तेजी लाकर निर्धारित समयसीमा के भीतर परियोजनाएं पूरी करने को कहा, ताकि ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सके।
कार्यपालक अभियंताओं को निर्माण स्थलों का नियमित निरीक्षण करने और काम की गुणवत्ता व प्रगति पर नजर रखने के निर्देश भी दिए गए।
अस्पतालों में सुविधाओं की उपलब्धता पर जोर
बैठक में डीसी ने अस्पतालों में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मरीजों को समय पर चिकित्सकीय परामर्श, जरूरी जांच और आवश्यक दवाएं उपलब्ध होनी चाहिए।
उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को अस्पतालों की व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करने तथा मरीजों को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए।
टीकाकरण और मातृ स्वास्थ्य की भी समीक्षा
उपायुक्त ने बच्चों के टीकाकरण अभियान पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि जिले में कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे।
इसके साथ ही ANC (प्रसवपूर्व जांच) पंजीकरण और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। संबंधित अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के लिए क्षेत्र स्तर पर प्रभावी निगरानी और जागरूकता गतिविधियां चलाने को कहा गया।
बैठक में सिविल सर्जन, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता समेत स्वास्थ्य विभाग और संबंधित एजेंसियों के अधिकारी मौजूद रहे।
