Wednesday, May 13, 2026

गिरिडीह में बाबूलाल मरांडी के बयान से सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है.

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गिरिडीह: मौसम आने दीजिये, समय का इंतजार कीजिए झारखंड में कमल खिलेगा. उक्त बातें नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने गिरिडीह में मीडिया से बातचीत में कही. उन्होंने कहा कि झारखंड में संगठन अपना काम कर रही है. यहां भाजपा मजबूत है. बाबूलाल ने कहा कि जिस तरह से यूपी, बिहार और बंगाल ने कमल खिला है, उसी तरह यहां भी खिलेगा.

कानून व्यवस्था और डीजीपी नियुक्ति पर उठाए सवाल

इस दौरान बाबूलाल मरांडी ने सूबे की कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि सूबे में कानून व्यवस्था बद-से-बदतर हो चुकी है. इस स्थिति तक लाने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जिम्मेदार हैं. उन्होंने कहा कि मैं यह बात इसलिए कह रहा हूं कि चूंकि राज्य के पुलिस कप्तान वैसे अधिकारी को बना दिया जा रहा है, जो रिटायर्ड होने वाले अधिकारी हैं. पहले अनुराग गुप्ता को डीजीपी बनाया था. जबकि अनुराग गुप्ता को इसी सरकार ने दो साल तक निलंबित रखा.

हद तो तब हो गई जब अनुराग गुप्ता सेवानिवृत्त हो गए फिर उन्हें गलत तरीके से डीजीपी बनाए रखा गया था. बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जब आपराधिक गिरोह के सुजीत सिन्हा और उसकी पत्नी रिया सिन्हा पकड़ी गई तब अनुराग गुप्ता और उन दोनों के बीच सोशल मीडिया पर चैट का खुलासा हुआ. इसके बाद राज्य सरकार ने अनुराग गुप्ता से इस्तीफा लिया.

इसके बाद हेमंत सोरेन ने तदाशा मिश्रा को डीजीपी बनाया. जबकि तदाशा मिश्रा डीजीपी की रैंक में नहीं थीं. इसके बावजूद प्रमोशन देकर उन्हें डीजीपी बनाया गया. फिर जब उनकी सेवानिवृत्ति का समय आया तो एक्सटेंशन देकर डीजीपी बनाकर रखा गया है. उन्होंने कहा कि जब मामले में पता किया तो ऐसा मिला कि सरकार ने कहा है कि झारखंड में डीजीपी रैंक के जो भी पुलिस ऑफिसर हैं वे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं.

लेकिन वास्तविकता यह है कि डीजीपी रैंक के एक भी पुलिस ऑफिसर केंद्र में प्रतिनियुक्त नहीं हैं. सभी झारखंड में ही हैं और तब भी गलत तरीके से डीजीपी बनाया गया. उन्होंने एसीबी की प्रमुख प्रिया दुबे को बनाए जाने पर सवाल उठाया है. बाबूलाल ने कहा कि प्रिया दुबे और उनके पति के ऊपर सीबीआई की जांच चल रही है. आय से अधिक संपत्ति के मामले में उनकी प्रॉपर्टी को अटैच किया हुआ था. अब वो कैसे जांच करेंगी.

शराब घोटाला का भी मामला उठाया

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि शराब घोटाला में डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हुई. ताबड़तोड़ अभियान चला. उन्होंने कहा कि मैंने 2022 में सरकार को पत्र लिखा था कि घोटाला हो रहा है कार्रवाई कीजिए. बाद में कार्रवाई शुरू हुई तो लगा चलो अब तो कार्रवाई हो रही है, लेकिन महीनों बीत गए और बाय डीफॉल्ट लोगों को बेल भी मिल गया, पर आज तक चार्जशीट समर्पित नहीं की गई.

“ईमानदार अधिकारियों का गिर रहा मनोबल”

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जहां इस तरह के अधिकारी रहेंगे तो अच्छे अधिकारियों का मनोबल गिरेगा ही. बेईमान ऑफिसर को जिला में पदास्थापित करेंगे तो व्यवस्था गड़बड़ होगी. इसलिए कहते हैं कि झारखंड में जो हेमंत सोरेन की सरकार है वह काम करने के लिए नहीं कमाने के लिए आई है.

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