Sunday, September 13, 2026

गढ़वा में SIR के बीच ईरानी मूल के परिवारों के दस्तावेजों की जांच, जमीन और सरकारी योजनाओं का भी सत्यापन.

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गढ़वा: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान गढ़वा नगर परिषद क्षेत्र के सोनपुरवा मोहल्ले में रहने वाले ईरानी मूल के परिवार प्रशासनिक जांच के दायरे में आए हैं। वार्ड नंबर 1 और 3 में रेलवे लाइन के दूसरी तरफ रहने वाले इन परिवारों के नाम SIR प्रक्रिया में सामने आने के बाद संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन शुरू किया गया है।

अंचल कार्यालय की टीम ने की जमीन संबंधी जांच

शनिवार को अंचल कार्यालय की टीम वार्ड नंबर 3 पहुंची और संबंधित परिवारों से जमीन के कागजात की जानकारी ली। प्रारंभिक तौर पर जांच में सामने आया कि कुछ परिवारों ने रजिस्टर्ड केवाला के माध्यम से जमीन खरीदी है। इन जमीनों का नामांतरण भी दर्ज होने और नियमित रूप से लगान की रसीद कटने की बात सामने आई है।

प्रशासन फिलहाल उपलब्ध जमीन संबंधी दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड का मिलान कर रहा है। जांच का उद्देश्य यह देखना है कि संबंधित परिवारों के दस्तावेज और रिकॉर्ड नियमों के अनुरूप हैं या नहीं।

नागरिकता से जुड़े दस्तावेजों की भी मांगी गई जानकारी

SIR के तहत संबंधित परिवारों से नागरिकता से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया है। परिवारों का कहना है कि उनके पास आधार, पैन और मतदाता पहचान पत्र जैसे दस्तावेज मौजूद हैं।

सोनपुरवा निवासी जलाल अली के मुताबिक, उनके परिवार के पास वर्ष 1992 में जमीन खरीद से संबंधित केवाला भी है। उनका कहना है कि SIR के दौरान नागरिकता संबंधी कागजात उपलब्ध कराने के लिए नोटिस मिलने के बाद परिवार जरूरी दस्तावेज एकत्र कर रहा है।

हामिद अली ने बताया कि उनके पूर्वज ईरान से भारत आए थे और बाद में मध्यप्रदेश में रहने लगे। उनके अनुसार, उनके माता-पिता वर्ष 1966 में गढ़वा पहुंचे थे। वहीं जलाल अली का दावा है कि उनका परिवार वर्ष 1980 में छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से गढ़वा आया था। उन्होंने बताया कि इस समुदाय के लोग महाराष्ट्र के पुणे और भुसावल तथा छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भी रहते हैं।

पीएम आवास समेत सरकारी योजनाओं का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा

प्रशासनिक जांच केवल मतदाता सूची और नागरिकता संबंधी कागजात तक सीमित नहीं है। यह भी देखा जा रहा है कि संबंधित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ कब और किस आधार पर मिला।

जानकारी के अनुसार, वार्ड नंबर 3 में ईरानी मूल के पांच परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला है। अब इन लाभों से जुड़े दस्तावेजों और पात्रता संबंधी रिकॉर्ड का भी सत्यापन किया जा रहा है।

स्थानीय स्तर पर उठे सवाल, आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं

इस मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों ने सवाल उठाए हैं। कुछ स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन परिवारों को मतदाता सूची में शामिल करने और सरकारी योजनाओं का लाभ देने में राजनीतिक हितों को प्राथमिकता दी गई। उनका यह भी दावा है कि क्षेत्र के कई जरूरतमंद परिवार अभी भी सरकारी आवास जैसी सुविधाओं से वंचित हैं।

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासनिक जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित परिवारों की नागरिकता, मतदाता सूची में दर्ज नाम और सरकारी योजनाओं से जुड़े दस्तावेज निर्धारित नियमों के अनुरूप हैं या नहीं।

फिलहाल प्रशासन जमीन, पहचान, नागरिकता और सरकारी योजनाओं से संबंधित रिकॉर्ड की जांच कर रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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