गढ़वा में मंडल डैम परियोजना के विस्थापितों ने दूसरी जगह जाने के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना दिया है.
गढ़वा: जिले के शहीद नीलांबर-पीतांबर के चेमो सान्या गांव के ग्रामीण विस्थापितों की ओर से जिला मुख्यालय में रैली निकालकर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया गया. जिला समाहरणालय के समक्ष बैठे सैकड़ों की संख्या में डूब प्रभावित क्षेत्र के कई परिवार यहां पहुंचे हैं.
- मंडल डैम के विस्थापित लोगों को जिला प्रशासन किसी दूसरी जगह पर शिफ्ट करना चाहता है लेकिन ये लोग अड़े हैं कि हम अपनी मिट्टी को छोड़कर कहीं दूसरी जगह नहीं जाने वाले हैं, क्योंकि इस गांव से इनके पूर्वजों का नाता गहरा है.
- वक्ताओं ने कहा कि एक तरफ सरकार शहीदों के गांवों को संवार रही है, उसे विश्व धरोहर घोषित कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार या राज्य सरकार, बीजेपी हो या कांग्रेस सभी इसे मिटा रही है. हम विकास या डैम के विरोधी नहीं हैं लेकिन वीर शहीदों की धरोहर को मिटाकर हम विकास नहीं करना चाहते हैं. हम किसी भी कीमत पर विस्थापित नहीं होंगे, चाहे इसके लिए कुछ हो जाए.
इस धरने पर आए भारत आदिवासी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष प्रेम साही मुंडा ने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में भगवान बिरसा मुंडा, सिदो कान्हू और महान आदिवासी नेताओं का खास योगदान रहा है लेकिन राज्य सरकार भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 का प्रयोग करके यहां उसका वायलेशन कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि यहां की राज्य सरकार तानाशाह की तरह काम कर रही है. जब हमारी ऐतिहासिक भूमि ही नहीं रहेगी तो हम कहां जाएंगे?


