गढ़वा: जिले में मंडल डैम के विस्थापितों को बसाना प्रशासन के समक्ष चुनौती बनते जा रही है. एक तरफ जिला प्रशासन विस्थापितों को बसाने की तैयारी कर रहा है, जबकि दूसरी ओर गांव में मौजूद ग्रामीण इसका घोर विरोध कर रहे हैं. डीसी विस्थापितों को बसाने के लिए लगातार बैठक कर रहे हैं.
1600 सौ करोड़ की लागत से बनकर तैयार होगा मंडल डैम
समाहरणालय में विस्थापितों को बसाने के लिए डीसी और एसपी बैठक पे बैठक कर रहे हैं लेकिन ग्रामीण हैं कि मानते ही नहीं. गौरतलब है कि 1600 सौ करोड़ की लागत से मंडल डैम का निर्माण होना है. इस डैम के क्षेत्र में गांव चेमो सान्या गांव के अंदर 587 परिवारों के लगभग पांच हजार की आबादी निवास करती है, डैम बनने के बाद यह डूब क्षेत्र हो जाएगा.
पीएम मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट है मंडल डैम
जिला प्रशासन यहां के लोगों को रंका प्रखंड के विश्रामपुर पंचायत के एक गांव में बसाना चाहता है, इसके लिए जगह का भी चयन हो गया है लेकिन स्थानीय ग्रामीण इसका विरोध कर रहे हैं. पीएम मोदी का यह ड्रीम प्रोजेक्ट है, जिसे तैयार करने के लिए संवेदक को महज दो साल का समय मिला है.
करंट स्टेटस की समीक्षा की जाएगी: डीसी
अब ऐसे में जिला प्रशासन स्थानीय ग्रामीणों को समझाने में लगा है, जबकि जिला प्रशासन और ग्रामीणों के बीच यहां झड़प भी हो चुकी है. इस मामले पर डीसी ने कहा कि इसके लिए रिव्यू बैठक रखी गई है, काम कैसे आगे बढ़े? इस पर हमारा जोर है. बैठक मे करंट स्टेटस क्या है, इसकी भी समीक्षा की जाएगी.


